बरेली: सवारी बैठाने के लिए प्राइवेट बस व ऑटो चालकों में मारपीट

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। कुछ दिन पहले टेंपो और रोडवेज बस चालकों के सवारियां बैठाने को लेकर सेटेलाइट चौराहे पर मारपीट हुई थी। वहीं, अब मंगलवार को भी प्राइवेट बस और टेंपो चालकों के बीच बीसलपुर चौराहे पर मारपीट हो गई। बीसलपुर रोड पर बिना परमिट के टेंपो चलाने का बस चालकों ने विरोध शुरू किया, …

अमृत विचार, बरेली। कुछ दिन पहले टेंपो और रोडवेज बस चालकों के सवारियां बैठाने को लेकर सेटेलाइट चौराहे पर मारपीट हुई थी। वहीं, अब मंगलवार को भी प्राइवेट बस और टेंपो चालकों के बीच बीसलपुर चौराहे पर मारपीट हो गई। बीसलपुर रोड पर बिना परमिट के टेंपो चलाने का बस चालकों ने विरोध शुरू किया, तो टेंपो चालक भड़क गए। चौराहे पर पुलिस तैनात होने के बावजूद दोनों पक्ष भिड़ गए। जमकर हंगामा हुआ।

विवाद की आशंका पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को सेटेलाइट चौराहे पर ले आई, लेकिन यहां भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ। टेंपो चालकों ने बीसलपुर रोड पर टेंपो चलाने की बात कही तो बस चालकों की तरफ से कड़ी चेतावनी दी गई। भीड़ में से एक बस चालक बोला-टेंपो बीसलपुर रोड पर चलते मिले तो किसी को नहीं छोड़ेंगे। इससे गुस्साए टेंपो चालकों ने सेटेलाइट चौराहे पर जाम लगाने की कोशिश की। बड़ी संख्या में टेंपो व बस चालकों के एकत्र होने पर चौराहे पर अव्यवस्था का माहौल हो गया। इस पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए टेंपो चालकों को सड़क से हटाया। मामले में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

प्राइवेट बस संचालकों के अनुसार बरेली से भुता, बीसलपुर मार्ग पर करीब 90 बसें चलती हैं। इसका उन्होंने संभागीय परिवहन कार्यालय से परमिट भी ले रखा है लेकिन टेंपो चालक बस में चढ़ने वाली सवारियों को बीच रास्ते से बैठाकर ले जाते हैं। जबकि इस रोड पर उनका केंद्र भी नहीं है। अवैध रूप से टेंपो बीसलपुर रोड पर दौड़ रहे हैं। इसकी वजह से बस संचालकों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। विरोध करने पर टेंपो चालक बदतमीजी शुरू कर देते हैं।

बस मालिकों ने यह भी आरोप लगाया कि मंगलवार को करीब 30-40 ऑटो चालक बीसलपुर चौराहे पर एकत्र हुए और बस चालकों के साथ मारपीट करने लगे। उधर, टेंपो चालकों का आरोप था कि सभी बस चालक-परिचालक और मालिक आपस में एकत्र होकर टेंपो चालकों के साथ मारपीट करते हैं। कई बार मारपीट कर चुके हैं। पैसे भी छीनने की कोशिश करते हैं। यह भी आरोप लगाया कि बस मालिक दंबगों को दारू पिलाकर टेंपो वालों के साथ मारपीट कराते हैं। जान से मारने की धमकी भी देते हैं।

मंगलवार को भी सवारियां ले जाने के पीछे दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। हंगामा होने पर पूरे रोड पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। तत्काल किसी ने गाड़ी मालिकों को भी फोन कर दिया। विवाद ज्यादा बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं, ऑटो वालों ने एक प्रार्थना पत्र डीआईजी को भी दिया है। जिमसें उन्होंने बस चालकों के मनमानी करने की बात कही है।

बीसलपुर रोड पर टेंपो दौड़ाने को आरटीओ से मांगी अनुमति
मारपीट और हंगामा होने के बाद टेंपो चालकों ने बीसलपुर रोड पर टेंपो दौड़ाने के लिए अनुमति लेने की मांग उठानी शुरू कर दी है। टेंपो चालकों ने प्रार्थना पत्र आरटीओ को भी दिया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि सभी ऑटो चालक भुता से सेटेलाइट तक ऑटो चलाते हैं, मगर प्राइवेट बस चालक उन्हें टेंपो नहीं चलाने देते हैं। इसकी वजह से न तो उनके परिवार का भरण पोषण हो पा रहा है और न ही वह टेंपो की किश्ते भर पा रहे हैं। सभी ऑटो चालकों ने भुता से बरेली तक ऑटो चलाने की अनुमति देने की मांग की है।

हमारी बसों के चालकों के साथ टेंपो वालों ने मारपीट की थी। जब हमें इसकी सूचना मिली तो मैं भी मौके पर पहुंचा। मैने पुलिस को फोन किया। इसके बाद पुलिस सभी को सेटेलाइट चौकी पर लेकर आई। हमने टेम्पो चालकों के खिलाफ तहरीर दे दी है। -विशंबर, बस मालिक

हमारे साथ बस चालकों ने मारपीट की थी। वह हमें बीसलपुर चौराहे से सवारियां नहीं भरने देते हैं। कहते हैं कि यदि यहां से सवारियां भरीं तो वह सभी को जान से मार देंगे। हम सभी टेम्पों वालों ने एडीजी से न्याय की गुहार लगाई है। -रामसेवक गंगवार, ऑटो चालक

यही टेंपो हैं जो शहर में रंग बदलकर दौड़ाए जा रहे हैं।

पीले पर चढ़ाया हरा रंग और शहर में दौड़ाने लगे टेंपो
देहात परमिट के टेंपो को शहर में दौड़ाने के लिए चालक काफी दिमाग लगा रहे हैं। संभागीय परिवहन विभाग को राजस्व का नुकसान पहुंचाने का टेंपो चालकों ने अगल तरीका अपनाया है। वह टेंपो का रंग बदलकर उन्हें शहर में दौड़ा रहे हैं। संभागीय परिवहन विभाग को इसकी जानकारी है। लेकिन टेंपो चालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। हाल ही में आरटीओ ने सेटेलाइट से दो ऐसे टेम्पो को पकड़ा। जिन्होंने अवैध पार्किंग की थी। कागजात देखे तो पूरी पोल खुल गई। उन्होंने देहात परमिट पर शहर में टेंपो चलाने के लिए उसका का रंग बदल लिया था।

संभागीय परिवहन विभाग से देहात परमिट पर टेंपो चलाने के लिए पीला रंग अनिवार्य है। जबकि शहर में चलने वाले सभी टेंपो का हरा रंग है। देहात वाले टेंपो डीजल पर तो शहर के सीएनजी पर संचालित होते हैं। शहर में डीजल टेंपो चलाने की अनुमति नहीं है। न ही उन्हें इसका परमिट दिया जाता है।

बीते दिनों एआरटीओ प्रवर्तन जेपी गुप्ता सेटेलाइट पर अवैध पार्किंग करने वालों के चालान कर रहे थे। ऐसे में दो टेंपो ऐसे पकड़ में आए। जिन्होंने शहर में टेंपो दौड़ाने के लिए उसका रंग बदल दिया था। पीले रंग पर हरा रंग चढ़ा लिया था और शहर में टेंपो दौड़ा रहे थे। दोनों टेंपो का 10-10 हजार रुपये का चालन किया, मगर ऐसे में एक सवाल यह उठ रहा है कि बिना किसी मदद के यह टेंपो चालक विभाग की आंखों में धूल कैसे झोंक रहे हैं।

सेटेलाइट से दो ऐसे टेंपो पकड़े थे, जिनका देहात का परमिट है और वह शहर में टेंपो दौड़ा रहे थे। शक होने पर दोनों को पकड़कर चालान कर दिया गया है। देहात के टेंपो पर नजर रखनी शुरू कर दी है। -जेपी गुप्ता, एआरटीओ प्रवर्तन

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