सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही अमरोहा की हत्यारिन शबनम, यहां पढ़ें पूरी कहानी

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अमरोहा/अमृत विचार। बावनखेड़ी नरसंहार की हत्यारिन शबनम इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड में हैं। यूटयूब पर अपलोड हुई नरसंहार की 11 साल पुरानी वीडियो को अब तक लाखों लोग देख चुके है। जबकि दया याचिका खारिज होने से पहले इस वीडियो के केवल हजारों की तादात में व्यूज थे। नई पीढ़ी में शबनम सलीम …

अमरोहा/अमृत विचार। बावनखेड़ी नरसंहार की हत्यारिन शबनम इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड में हैं। यूटयूब पर अपलोड हुई नरसंहार की 11 साल पुरानी वीडियो को अब तक लाखों लोग देख चुके है। जबकि दया याचिका खारिज होने से पहले इस वीडियो के केवल हजारों की तादात में व्यूज थे। नई पीढ़ी में शबनम सलीम की प्रेम कहानी में हुई सात हत्याओं की वजह जानने की जिज्ञासा है। सोशल मीडिया पर ऑनलाइन पढ़ाई कराने वाले यू-टयूब चैनल भी आजकल शबनम की फांसी से जुड़े प्रश्न बनाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं।

मां-बाप, आठ माह के मासूम समेत सात लोगों की कातिल खलनायिका शबनम की फांसी की तारीख तो फिल्हाल कुछ दिन के लिए टल गई है। लेकिन देश की नई पीढ़ी शबनम सलीम पर रिक्रिएटेड वीडियो को हर रोज देख रहे है। दरअसल 11 साल पहले यूटयूब पर बावखेड़ी हत्याकांड की एक वीडियो अपलोड थी। आजाद भारत में शबनम की फांसी का मामला जब देश में गर्माया तो इस वीडियों को लाखों लोगों ने देखा। नई पीढ़ी में शबनम और उसकी क्रूर कहानी के बारे में जानने की जिज्ञासा भी बढ़ी है।

दरअसल 14 अप्रैल 2008 की रात को प्रदेश की नहीं बल्कि देश भर में अमरोहा के गांव बावखेड़ी का नाम जाना गया। यहां की रहने वाली डबल एम.ए शिक्षामित्र शबनम ने अपने आठवीं पास प्रेमी सलीम के साथ मिलकर शादी में बाधा बन रहे अपने मां-बाप, भाई-भतीजे समेत सात लोगों की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। पूरे मामले में शबनम और सलीम को फांसी की सजा सुनाई गई थी। लेकिन उस समय शबनम गर्भवती भी थी। जेल में ही शबनम ने बेटे को जन्म दिया। जिसके बाद उसने फांसी से बचने के लिए राष्ट्रपति के यहां दयायाचिका डाली थी।

दयायाचिका खारिज होते देश में फिर शबनम सलीम का मुद्दा गर्माया। आजाद भारत में पहली महिला शबनम को फांसी देने का डेथ वारंट जारी होने ही वाला था कि शबनम के वकील ने फिर राज्यपाल के दयायाचिका दाखिल कर दी है। जिस कारण शबनम की फांसी की तिथि कुछ दिनों के लिए टल गई है। लेकिन हत्यारिन शबनम इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड में है। यूटयूब पर शबनम की करतूत की कई वीडियो को लाखों लोग देख चुके है। हालांकि नई पीढ़ी के मन में उसकी क्रूरता के बारे में जानने की ज्यादा जिज्ञासा है। तभी तो 11 साल पुरानी वीडियो के अचानक लाखों व्यूज पहुंच गए।

ऑनलाइन पढ़ाई कराने वाले यू-टयूब चैनल भी नहीं पीछे
देश भर में शबनम-सलीम का मामला फिर दौहराया है। वजह सिर्फ आजाद भारत में कब होगी शबनम को फांसी। यूटयूब पर ऑनलाइन पढ़ाई कराने वाले चैनल भी बावनखेड़ी नरसंहार पर छात्र-छात्राआों का सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए वीडियो बना रहे है। शबनम को किस अनुच्छेद के तहत दी जाएगी फांसी, किस अनुच्छेद के तहत फांसी से बचने के लिए दयायाचिका होती है दाखिल आदि कई सारे प्रश्नों को लेकर ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है। ऐसे में अमरोहा की हत्यारिन शबनम इना दिनों सोशल ट्रेंड में हैं।

हत्याकांड पर आधारित एक सीरियल टीवी पर हो चुका है प्रसारित
शबनम सलीम पर आधारित रिक्रिएटेड वीडियो आज कल सोशल मीडिया पर देखे जा रहे हैं। लेकिन कुछ साल पहले बावनखेड़ी नरसंहार पर आधारित एक सीरियल भी टीवी पर प्रसारित हो चुका है। जिसमें हत्याकांड की पूरी वारदात को दर्शाया गया है। जिस तरीके से प्रेम में बाधा बन रहे मां बाप को शबनम ने मौत की नींद सुला दी थी। उसी तरह सीरियल में भी मां बाप को चाय में नींद की गोली की देकर युवती ने उनको मौत के घाट उतार दिया था। यूटयूब पर अपलोड इस सीरियल को करोड़ों लोगों ने देखा है।

-प्रबल प्रभाकर

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