लखीमपुर खीरी: अंग्रेजी हुकूमत की तरह किसानों की पगड़ी खतरे में डाल रही सरकार- जयंत चौधरी
अमृत विचार, सम्पूर्णानगर-खीरी। कृषि कानूनों के विरोध में खीरी पीलीभीत के किसानों ने किसान महापंचायत आयोजित की। इस महापंचायत में रालोद के प्रदेश उपाध्यक्ष जयंत चैधरी ने पहुंचकर किसानों को संबोधित किया। महापंचायत शांतिपूर्वक संपन्न हुई।किसान इन दिनों कृषि कानून के विरोध को लेकर देश के भिन्न-भिन्न जनपदों एवं राज्यों में किसानों की महापंचायत आयोजित …
अमृत विचार, सम्पूर्णानगर-खीरी। कृषि कानूनों के विरोध में खीरी पीलीभीत के किसानों ने किसान महापंचायत आयोजित की। इस महापंचायत में रालोद के प्रदेश उपाध्यक्ष जयंत चैधरी ने पहुंचकर किसानों को संबोधित किया। महापंचायत शांतिपूर्वक संपन्न हुई।किसान इन दिनों कृषि कानून के विरोध को लेकर देश के भिन्न-भिन्न जनपदों एवं राज्यों में किसानों की महापंचायत आयोजित कर किसानों को जागरूक करने के साथ ही कृषि कानून की खामियां बताकर उसे वापस कराने को सरकार पर दबाव बनाने में लगे हुए हैं।
बृहस्पतिवार को इंडो नेपाल बॉर्डर थाना क्षेत्र सम्पूर्णानगर स्थित पब्लिक इंटर कॉलेज के मैदान में जयंत चौधरी ने महापंचायत को संबोधित करते हुए सरकार के मंत्रियों द्वारा किसानों को खालिस्तानी आतंकवादी कहने की निंदा की। उन्होंने सोरम गांव में केंद्रीय मंत्री द्वारा अपने गुंडों से किसानों को लाठी-डंडों से पीटने वाले की निंदा करते हुए कहा कि क्या अब किसान अपने गांव में मार खाएगा।
उन्होंने आगे कहा जो किसान पर हाथ उठाए वह बहादुरों की सरकार नहीं कायरों की सरकार है। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली भाजपा सरकार ने पिछले 3 सालों में किसानों के गन्ने का समर्थन मूल्य में एक भी रुपए का इजाफा नहीं किया है।जबकि इस दौरान डीजल उर्वरक तथा कीटनाशक और बिजली के दरों में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि हुई है। उन्होंने आगे कहा सन 1960 में अंग्रेजों ने इसी प्रकार का कानून लाया था तब पगड़ी संभाल नारा देकर लाला लाजपत राय, भगत सिंह आदि ने लड़ाई लड़ी थी आज हमने पहली बार ऐसा आंदोलन देखा है जो जमीन से उठकर आए लोगों का है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जसवीर कौर एडवोकेट ने कृषि कानूनों के कमियां गिनाईं। कार्यक्रम को मनजीत सिंह पूर्व जिला पंचायत सदस्य हजारा, नरेश यादव ,अनीता यादव, जावेद अख्तर, पूर्व सांसद खीरी रवि प्रकाश वर्मा, विधायक विनय तिवारी, सुनील लाला, पूर्व ब्लाक प्रमुख गुरप्रीत सिंह जार्जि, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आए आरएलडी विधायक लल्लन गौड़, पूर्व ग्राम प्रधान गोविंदनगर, कांग्रेस के पूर्व सांसद जफर अली नकवी के पुत्र सैफ अली नकवी, व्यापारी इश्तियाक खान, किसान चरणजीत सिंह लाली, डॉ. आइ.ए. खान आदि ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी ने कृषि कानूनों को किसानों के लिए काला कानून बता कानून को वापस कराने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
सभा के दौरान जयंत चौधरी के आह्वान पर किसानों ने दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के लिए दो मिनट का मौन रखा। इस दौरान किसानों ने दोनों हाथ उठाकर कृषि कानून वापस कराने तक आंदोलन जारी रखने की शपथ ली। किसानों ने आंदोलन को आगे किस प्रकार जारी रखना है इस पर भी चर्चा की।
महापंचायत कार्यक्रम का संचालन मनजीत सिंह व इश्तियाक खान ने संयुक्त रूप से किया। महापंचायत का आयोजन करने के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं मिली। फिर भी कई थानों की पुलिस फोर्स मौजूद रही। इस दौरान कस्बे के तिराहे पर वाहनों की काफी भीड़ देख पुलिस ने ट्रैफिक मोर्चा संभाला।
