बरेली: कामर्शियल कोर्ट के मंडलीय कार्यालय, भूलेख व आबकारी मालखाने के ताले टूटे

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अमृत विचार, बरेली। कलेक्ट्रेट की सुरक्षा व्यवस्था दिन में तो चाक चौबंद रहती है, लेकिन रात में सुरक्षा के नाम पर कोई बंदोबस्त नहीं है। कलेक्ट्रेट में एक ऐसा हिस्सा भी है, जहां जमीनों, लेखपालों और शत्रु संपत्तियों के महत्वपूर्ण कागजात रखे रहते हैं। पास में ही कामर्शियल कोर्ट का मंडलीय कार्यालय के साथ आबकारी …

अमृत विचार, बरेली। कलेक्ट्रेट की सुरक्षा व्यवस्था दिन में तो चाक चौबंद रहती है, लेकिन रात में सुरक्षा के नाम पर कोई बंदोबस्त नहीं है। कलेक्ट्रेट में एक ऐसा हिस्सा भी है, जहां जमीनों, लेखपालों और शत्रु संपत्तियों के महत्वपूर्ण कागजात रखे रहते हैं। पास में ही कामर्शियल कोर्ट का मंडलीय कार्यालय के साथ आबकारी मालखाना भी है, लेकिन इन कार्यालयों की न कोई सुरक्षा है और न ही इस क्षेत्र में प्रकाश की व्यवस्था है। रातभर अंधेरा फैला रहता है। इसी का फायदा उठाकर चोर बेखौफ होकर घटना कर रहे हैं।

गुरुवार की देर रात चोरों ने भूलेख विभाग, कामर्शियल कोर्ट के मंडलीय कार्यालय व आबकारी विभाग के मालखाना के ताले तोड़ दिए। चोर यह जानते थे कि शुक्रवार को अवकाश है, इसलिए शनिवार को दफ्तर खुलने पर घटना की जानकारी होगी, हालांकि ऐसा नहीं हुआ। शुक्रवार को कामर्शियल कोर्ट का मंडलीय कार्यालय खुला तो चहारदीवारी के गेटमें ताला लगा था और कोर्ट कार्यालय का कुंडा टूटा और ताला बरामदे में पड़ा था।

शनिवार को सुबह करीब 10 बजे भूलेख कार्यालय के लिपिक कार्यालय खोलने पहुंचे। सीढ़ी का दरवाजा खोलकर प्रथम मंजिल पर बने भूलेख कार्यालय की तरफ बढ़े तो दोनों ताले टूटे थे और चैनल खुला था। छत पर लैपटॉप रखने वाले डिब्बे समेत अन्य सामान भी बिखरा था। अंदर जाकर देखा तो अलमारी से दो लैपटॉप, एक मोबाइल, डिवाइस गायब थी। अन्य क्या-क्या सामान चोरी हुआ है, इसको लेकर कर्मचारी कार्यालय में फाइलों को देख रहे हैं।

भूलेख प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि चार चीजों के अलावा अन्य सामान चोरी नहीं हुआ है। फाइलें मिसिंग नहीं हैं। लैपटॉप व मोबाइल लेखपालों को देने के लिए रखे थे। सूचना पर पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और छानबीन की। भूलेख प्रभारी ने कलेक्ट्रेट के नजारत को सूचना दी। मामले में कोतवाली में तहरीर दी गई है।

इस तरह सरिया से टेढ़ा किया गेट का कुंडा।

तमंचा व बीयर की खाली केन मिली, अधिकारी कह रहे हमारी नहीं
आबकारी विभाग के मालखाने भी ताले टूटे। इसमें छापे में पकड़ी अवैध शराब की बोतलें और आरोपियों से बरामद तमंचे भी रखे हुए हैं। एक तरह से केस चलने तक कोर्ट प्रॉपर्टी है। जिला आबकारी अधिकारी देव नारायण दुबे ने बताया कि उनका कोई सामान चोरी नहीं हुआ है, लेकिन कामर्शियल कोर्ट की छत पर तमंचा और खाली बीयर की केन व प्लास्टिक कट्टों के बरामद होना साफ बता रहा है कि सामान मालखाने का है। मालखाने में अन्य चीजें भी गायब हो सकती हैं। किसी केस को कमजोर करने के लिए सुबूत मिटाने का भी खेल हो सकता है, लेकिन अधिकारी यह कहकर बच रहे हैं कि कोई सामान ही चोरी नहीं हुआ।

वाणिज्यिक मामलों की रखी हैं फाइलें, परिसर में एक बल्ब तक नहीं
कामर्शियल कोर्ट के मंडलीय कार्यालय के वाद लिपिक सीनियर एसिस्टेंट संजीव कुमार ने बताया कि शुक्रवार को वह 9.45 बजे कार्यालय आए। चहारीवारी के चैनल में ताला लगा था। खोलकर वह अंदर आए। तब उन्हें ताला टूटा मिला। कार्यालय की अलमारी खुली थीं लेकिन कोई सामान या फाइल गायब नहीं है।

शुक्रवार और शनिवार को फाइलों का मिलान किया। अभी और मिलान करेंगे। सरिया डालकर कुंडा टेढ़ाकर ताला तोड़ा गया था। कामर्शियल कोर्ट के पीठासीन अधिकारी विजेंद्र कुमार शैलत ने भी मुआयना किया। वाद लिपिक के अनुसार पीठासीन अधिकारी के स्तर से मामले को हाईकोर्ट के संज्ञान में भी जाया जाएगा। यहां कोर्ट परिसर में बिजली का कनेक्शन तो है लेकिन बल्ब नहीं लगे हैं। एक भी लाइट कोर्ट परिसर में नहीं जलती है। जबकि इस कार्यालय में बरेली और शाहजहांपुर के वाणिज्यिक मामलों की फाइलें रहती हैं।

बदायूं और पीलीभीत की फाइलें अभी यहां आनी शेष हैं। कोर्ट में 8 जनवरी से ही कामकाज शुरू हुआ है। संजीव कुमार की ओर से कोतवाली में तहरीर दी गई। कोतवाली इंस्पेक्टर ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध एफआईआर करा दी है।

आबकारी मालखाना में लगाया नया ताला।

एक दिन पहले ही टूटे थे कलेक्ट्रेट में ताले
कलेक्ट्रेट परिसर में चोरी के मामले में भूलेख कार्यालय के राजस्व निरीक्षक अरविंद कुमार की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। अरविंद कुमार ने पुलिस को बताया कि जब शनिवार सुबह उन्होंने दफ्तर खोला तो चैनल गेट और अंदर के ताले टूटे थे। दरवाजे भी खुले पड़े थे।

थाना प्रभारी गीतेश कपिल ने बताया कि चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। एक दिन पहले उन्हें कॉमर्शियल कोर्ट के ताले टूटने की सूचना मिली थी। वह मौके पर गए थे लेकिन कोई सामान चोरी नहीं हुआ था। आशंका है कि इसी रात में भूलेख कार्यालय में भी चोरी हुई होगी।

तीन होमगार्ड और एक चौकीदार की ड्यूटी
पुलिस के मुताबिक कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा के लिए तीन होमगार्ड और एक चौकीदार की रात में ड्यूटी लगती है। चारों मुख्य द्वार ही बैठ जाते हैं। एक दिन पहले चोरी की सूचना पर जब कोतवाल रात में पहुंचे तो भी एक साथ सभी को बैठा पाया। इस पर उन्होंने दो-दो लोगों को अलग-अलग ड्यूटी करने और राउंड लगाने का भी निर्देश दिया।

कलेक्ट्रेट परिसर में अंधेरा भी था। पीछे क्वार्टर भी बने हुए हैं। चोर कहां से घुसे इस बारे में पता लगाया जा रहा है। कलेक्ट्रेट परिसर से पहले इसके आसपास की दुकानों में कई बार चोरी की वारदातें हो चुकी हैं। इसके बावजूद भी पुलिस ने सख्ती नहीं की।

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