बरेली: 227 बसों का चालान फिर भी नहीं कोई समाधान
अमृत विचार, बरेली। शहर में रोडवेज बसें भी जाम का एक कारण हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत सेटेलाइट और पुराना रोडवेज बस अड्डे पर होती है। ट्रैफिक पुलिस ने पिछले दो महीनों में 227 बसों के चालान किए हैं। इसकी रिपोर्ट भी ट्रैफिक मुख्यालय को भेजी है लेकिन इसके बावजूद भी कोई समाधान नहीं निकल रहा …
अमृत विचार, बरेली। शहर में रोडवेज बसें भी जाम का एक कारण हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत सेटेलाइट और पुराना रोडवेज बस अड्डे पर होती है। ट्रैफिक पुलिस ने पिछले दो महीनों में 227 बसों के चालान किए हैं। इसकी रिपोर्ट भी ट्रैफिक मुख्यालय को भेजी है लेकिन इसके बावजूद भी कोई समाधान नहीं निकल रहा है। सेटेलाइट पर हालात दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं।
एक सप्ताह पहले एसपी ट्रैफिक राम मोहन सिंह ने रोडवेज के अधिकारियों के साथ सेटेलाइट बस अड्डे पर सड़क पर खड़ी बसों पर कार्रवाई की थी। यहां पर बैरियर भी लगाए थे लेकिन उसके बाद बैरियर फोल्ड करके रख दिए गए हैं। बसें सड़क पर खड़े होकर ही सवारिंया भर रही हैं। ऑटो-टैंपो भी खड़े होकर सड़क घेर रहे हैं और अब तो ठेले वाले भी सड़क पर खड़े होकर जाम लगा रहे हैं।
यहां पर ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ थाना पुलिस भी मौजूद रहती है लेकिन बसों को व्यवस्थित नहीं खड़ा कराया जाता है। जब लोग जाम में फंस जाते हैं तब जाकर जाम खुलवाने की याद आती है। मौजूदा समय में पुल के नीचे भी गलत तरीके से बस खड़े करने से ट्रैफिक में बाधा उत्पन्न हो रही है। सेटेलाइट के अलावा पुराना रोडवेज, चौकी चौराहा, आंवला बस अड्डा व अन्य जगहों पर भी बसें सड़क पर खड़ी होकर ही सवारिंया भरती हैं।
