मुसलमानों को लेकर विधान परिषद में बोले योगी- मिल रहा है आबादी के प्रतिशत से कई गुना ज्यादा लाभ

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ की अवधारणा को सही मायनों में जमीन पर उतारने का दावा करते हुए बुधवार को कहा कि राज्य के मुसलमानों को सरकारी योजनाओं का उनकी आबादी के प्रतिशत के मुकाबले कई गुना ज्यादा फायदा मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने विधान परिषद में बजट …

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ की अवधारणा को सही मायनों में जमीन पर उतारने का दावा करते हुए बुधवार को कहा कि राज्य के मुसलमानों को सरकारी योजनाओं का उनकी आबादी के प्रतिशत के मुकाबले कई गुना ज्यादा फायदा मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने विधान परिषद में बजट पर चर्चा के दौरान कहा, ”आज प्रदेश में मुस्लिम आबादी 17 से 19 प्रतिशत है और मुस्लिम समुदाय को योजनाओं का लाभ 30 से 35 प्रतिशत तक प्राप्त हो रहा है।”

उन्होंने कहा ”चाहे प्रधानमंत्री आवास योजना हो, सौभाग्य योजना में निशुल्क विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराना हो, उज्ज्वला योजना, खाद्यान्न योजना, आयुष्मान भारत या किसी भी योजना में आप पाएंगे कि मुस्लिम समाज को उसकी संख्या के प्रतिशत से कई गुना ज्यादा लाभ मिल रहा है।”

योगी ने कहा, ”यह सरकार की ईमानदारी और पारदर्शी तरीके से सबका साथ, सबका विकास के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संकल्प और भाव के अनुरूप है जो उन्होंने 2014 में सरकार बनाने से पहले देश को दिया था। हमने कहीं किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया है।” उन्होंने कहा, ”हमने तुष्टीकरण नहीं किया लेकिन विकास की योजनाओं को ईमानदारी से पात्र व्यक्ति के घर तक पहुंचाने का काम किया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, ”उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था आजादी के समय देश की श्रेष्ठ अर्थव्यवस्था थी। बाद में धीरे-धीरे करके उसमें गिरावट आई। इसके लिए सभी लोग जिम्मेदार हैं। चाहे समाजवादी पार्टी हो, बहुजन समाज पार्टी हो, कांग्रेस हो या सत्ता में आए अन्य दल हों। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगातार गिरावट आती गई और 2016 आते-आते यह पांचवें और छठे स्थान पर पहुंच गई। मगर हाल की रैंकिंग में उत्तर प्रदेश फिर से देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है।”

उन्होंने कहा, ”हमने देश की उन अनेक राज्यों को पछाड़ा है जिन्हें विकास का मॉडल कहा जाता है। उत्तर प्रदेश अपनी बेहतर कार्य योजना से, बिना किसी भेदभाव के विकास की योजनाओं से, बजट में किये गये प्रावधानों को ईमानदारी से लागू करके और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था देकर देश की दूसरी अर्थव्यवस्था के रूप में फिर से स्थापित हो गया है।”

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