बरेली: उर्स-ए-तहसीनी से शादियों में फिजूलखर्ची और दहेज से बचने की गुजारिश

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। अहमदाबाद में आयशा की मौत ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। महिलाओं की जिंदगी को जहन्नुम बनाने वाले दहेज से छुटकारा पाने की चर्चाएं हो रही हैं। इस बीच उर्स-ए-तहसीनी से एक बड़ा पैगाम सामने आया है। कुल शरीफ से पहले तकरीर में उलमा ने गुजारिश की है कि शादियों …

अमृत विचार, बरेली। अहमदाबाद में आयशा की मौत ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। महिलाओं की जिंदगी को जहन्नुम बनाने वाले दहेज से छुटकारा पाने की चर्चाएं हो रही हैं। इस बीच उर्स-ए-तहसीनी से एक बड़ा पैगाम सामने आया है। कुल शरीफ से पहले तकरीर में उलमा ने गुजारिश की है कि शादियों में फिजूलखर्ची और दहेज से बचें। कहा कि फिजूलखर्ची इंसान को बेईमान बनाती हैं। उसके बाद दोपहर में कुल शरीफ की रस्म अदा की गई जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।

तहसीन रजा खां मुहद्दिस ए बरेलवी का तीन रोजा उर्स के तीसरे और आखिरी दिन की शुरुआत फज्र की नमाज के बाद कलाम ए पाक की तिलावत से हुई। इसके बाद शाहदाना रेलवे ग्राउंड पर मसलके आला हजरत कॉन्फ्रेंस में सूफी रिजवान रजा खां मौलाना ततहीर अहमद, मौलाना इरफान उल हक खटीमा, मौलाना शकील मिस्बाही, मुफ्ती मुजम्मिल ने अपनी तकरीरों में संदेश दिया कि सदरुल उलामा का फैज हासिल करने का सबसे आसान तरीका यह है कि जिंदगी सादगी से गुजारी जाए।

मौलाना ततहीर अहमद साहब ने कहा कि फिजूलखर्च लोगों को बेईमान बनाता है, इसलिए सिर्फ जरूरत भर खर्च करना चाहिए। मौलाना शकील मिस्बाही ने शादियों में लाखों रुपये खर्च करने पर तम्बीह की। नातो मनकबत के नजराने पेश करने वालों में सय्यद कैफी, नईम तहसीनी, आजम तहसीनी, शाहरुख तहसीनी, महताब सिब्तैनी, गयास खां शामिल रहे। दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मौलाना अहसन रजा खां नूरी ने सदरुल उलामा की शान में मनकबत का नजराना भेजा, जिसे स्टेज पर नईम तहसीनी ने पढ़ा।

आखिर में दरगाह ए तहसीनी के सज्जादानशीन मौलाना हस्सान रजा खां नूरी ने दुआ की। इस मौके पर दरगाह ए तहसीनी के प्रबंधक सोहेब रजा खां, मौलाना सफवान रजा खां, मौलाना अमान रजा खां, मौलाना हसीब रजा खां, मौलाना नजीब रजा खां, मौलाना उमर रजा खां, मौलाना तनीम रजा खां, फैज रजा, मुअज्जम रजा खां, जुबैर रजा खां समेत अन्य लोग मौजूद रहे। आखिरी वक्त में मंच से मुस्लिम एजेंडा को रद कर दिया गया।

जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की तरफ से पेश की गई चादर
उर्स-ए-तहसीनी के मौके पर दरगाह आला हजरत के संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां की तरफ से चादर पेश की गई। मौलाना अजीमुद्दीन अजहरी की अध्यक्षता में जमात के प्रतिनिधिमंडल में समरान खान, अब्दुल्लाह रजा खां, मोईन खान, मौलाना शम्स रजा, मोईन अख्तर, सैय्यद कैफी अली आदि ने दरगाह तहसीन-ए-मिल्लत पर चादरपोशी व गुलपोशी की। फिर सैय्यद कैफी अली ने हुजूर ताजुश्शरिया का लिखा हुआ कलाम पेश किया। वहीं, मौलाना अजीमुद्दीन अजहरी ने बरेली साहित देशभर की खुशहाली के लिए खुसूसी दुआ की।

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