सैन्य अस्पतालों में आश्रितों, सेवानिवृत्त सैनिकों को जल्द लगेगा कोरोना रोधी टीका

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सेना के अस्पतालों में सुरक्षा बलों के आश्रितों और सेवानिवृत्त सैनिकों को कोविड-19 का टीका लगाए जाने को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी शनिवार को भारतीय सेना ने दी। सेना ने ट्विटर पर कहा, ”कोविन प्लेटफॉर्म पर सशस्त्र बलों के अस्पतालों का पंजीकरण पूरा होने के बाद अगले …

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सेना के अस्पतालों में सुरक्षा बलों के आश्रितों और सेवानिवृत्त सैनिकों को कोविड-19 का टीका लगाए जाने को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी शनिवार को भारतीय सेना ने दी। सेना ने ट्विटर पर कहा, ”कोविन प्लेटफॉर्म पर सशस्त्र बलों के अस्पतालों का पंजीकरण पूरा होने के बाद अगले हफ्ते से यह प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इसके लिए कुछ दिनों के अंदर दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।”

 

सरकार ने पिछले महीने घोषणा की थी कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के हर नागरिक और गंभीर बीमारियों से पीड़ित 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का एक मार्च से सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क टीकाकरण किया जाएगा। उसने कहा कि कई निजी अस्पतालों में शुल्क का भुगतान कर भी टीका लगवाया जा सकता है। नागरिक टीकाकरण के लिए कोविन 2.0 पोर्टल या आरोग्य सेतु जैसे अन्य ऐप पर टीकाकरण के लिए कभी भी और कहीं भी पंजीकरण कर सकते हैं और समय ले सकते हैं।

भारतीय सेना ने ट्वीट किया, ”स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सुरक्षाकर्मियों के आश्रितों और सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए सेना के अस्पतालों में टीकाकरण की मंजूरी दे दी है।”

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

सीतापुर में 7 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त, फर्जी मार्कशीट के आधार पर पाई थी नौकरी
गंगाराम की मौत पर रोया पूरा गाँव, नहीं जला घर का चूल्हा, 130 सालों तक तालाब में रहने की क्या है कहानी; NCERT के पाठ्यक्रम में शामिल
NEET विवाद पर छात्रों के समर्थन में आए वरुण धवन और नोरा फतेही, बोले- हर छात्र निष्पक्ष और भरोसेमंद व्यवस्था का हकदार
Parliament Monsoon Session Day 5: लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित, किरण रिजिजू बोले- NEET पर चर्चा जरूरी, देश को सही संदेश जाना चाहिए
''छात्रों को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई?'' , राहुल गांधी का सरकार पर हमला, कहा- छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों से नहीं डराया जा सकता