बरेली: ‘हरे रामा, हरे कृष्णा ‘ धुन पर मग्न हुए श्रद्धालु

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार, बरेली। ‘हरे रामा, हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा, हरे हरे’ की धुन पर अपने अराध्य के रथ को खींचने के लिए रविवार को हर भक्त लालायित दिखा। यह नजारा रविवार को बरेली इस्कॉन की ओर से भगवान जगन्नाथ रथयात्रा निकाले जाने पर दिखाई दिया। रविवार की सुबह आनंद आश्रम से शुरू होकर शहर में …

अमृत विचार, बरेली। ‘हरे रामा, हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा, हरे हरे’ की धुन पर अपने अराध्य के रथ को खींचने के लिए रविवार को हर भक्त लालायित दिखा। यह नजारा रविवार को बरेली इस्कॉन की ओर से भगवान जगन्नाथ रथयात्रा निकाले जाने पर दिखाई दिया।

रविवार की सुबह आनंद आश्रम से शुरू होकर शहर में भ्रमण कर राजेंद्र नगर स्थित बांके बिहारी मंदिर पर समापन हुआ। रथ पर सवार भगवान जगन्नाथ, बलदेव जी और सुभद्रा माता के विशाल रथ को श्रद्धालुओं ने रस्सा खींचकर शहर की यात्रा करवाई।

रथयात्रा में महापौर डा.उमेश गौतम भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। देश-विदेश से भारी संख्या में इस्कॉन भक्त इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कृष्ण के भजनों पर झूमते श्रद्धालु कीर्तन से झंकृत हुए और होठों पर जगन्नाथ नाम जप का नजारा शोभा यात्रा को अद्भुत रूप देता प्रतीत हुआ। भक्ति रस से सराबोर श्रद्धालु जगन्नाथ के विशाल रथ को खींच रहे थे, वहीं मन मस्तिष्क और जुबां पर सिर्फ हरे रामा, हरे कृष्णा का जाप था। यूक्रेन, अमरीका से आए श्रद्धालुओं ने भी श्रीकृष्ण और श्रीराम का नाम जपा तो सारा शहर झंकृत हो उठा।

वृंदावन के कलाकारों द्वारा सुंदर रंगोली बनाकर भक्तों का स्वागत किया गया। यात्रा की शुरूआत से पहले देश विदेश से आए भक्तों ने आनंद आश्रम में भजन-कीर्तन किया। सुबह 11 बजे रथयात्रा निकाली गई जिसमें जगन्नाथ की झांकियां आकर्षण का केंद्र बिंदु रहीं। रथयात्रा का जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान वृंदावन, हरिद्वार, बनारस आदि तीर्थस्थलों से भक्त पहुंचे थे। भगवान जगन्नाथ के रथ को अलौकिक रूप दिया गया। इस दौरान कोतवाली पर भक्तों की भीड़ को देखते हुए बड़ी क्रेन से भगवान को 56 भोग का प्रसाद लगाया गया, ढोल नगाड़ों के साथ महाआरती की गयी।

अध्यक्ष गिरधर गोापाल ने बाताया कि भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दर्शन से व्यक्ति को कई सुखदाई फल मिलते हैं। रथयात्रा एक ऐसा पर्व है जिसमें भगवान जगन्नाथ स्वयं ही व्यक्तियों के साथ चलकर उनके सुख दुख के सहभागी बनते हैं और जिससे सभी श्रद्धालु भगवान के उत्तम धाम को जाते हैं। इस मौके पर गिरधर गोपाल खंडेलवाल, अशोक गोयल, सौरभ महरोत्रा, आदिकर्ता दास, मुख्य सोन कृष्ण दास, भीम अर्जुनदास, सुंदर गोयल, सुशील अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, अनुपम कपूर, अनिल अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, देवेंद्र खंडेलवाल, अभय जसेरिया, डा.विनय खंडेलवाल आदि मौजूद रहे।

संबंधित समाचार