मुरादाबाद: मंडल के 500 किसान बन जाएंगे उन्नत बीज उत्पादक

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद,अमृत विचार। मंडल के 500 पंजीकृत किसान उन्नतशील बीजों के उत्पादक और विक्रेता बन जाएंगे। बीज विधायन संयंत्र, क्षेत्र में खेती की नई परिभाषा गढे़गा। यह केंद्र किसानों को आत्मनिर्भर बनने में मददगार होगा। यह बात प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने रविवार को नवनिर्मित बीज विधायन संयंत्र के लोकार्पण समारोह में बतौर …

मुरादाबाद,अमृत विचार। मंडल के 500 पंजीकृत किसान उन्नतशील बीजों के उत्पादक और विक्रेता बन जाएंगे। बीज विधायन संयंत्र, क्षेत्र में खेती की नई परिभाषा गढे़गा। यह केंद्र किसानों को आत्मनिर्भर बनने में मददगार होगा। यह बात प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने रविवार को नवनिर्मित बीज विधायन संयंत्र के लोकार्पण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दे पर सरकार की नीति और नीयत साफ है। राज्य और केंद्र सरकारें रोजाना खेती को मजबूत बनाने के प्रयास में जुटी हैं।

कृषि मंत्री ने कहा कि मुरादाबाद मंडल के लिए यह केंद्र बड़ी सौगात है। इस संयंत्र केंद्र के निर्माण में छह करोड रुपये खर्च किए गए हैं। इससे क्षेत्र के किसान अपने खेतों में उत्पादित बीज शासन द्वारा तय कीमत पर बेच सकेंगे। मंडल में अगले वर्ष केंद्र का लक्ष्य दोगुना कर दिया जाएगा। वर्तमान में बीज उत्पादक कार्यक्रम में कुल 189 किसान पंजीकृत हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिशन किसान के तहत किसान भाइयों की आय दोगुना करने का नारा दे चुके हैं। इसीलिए इस तरह के कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। किसानों द्वारा सामान्य खेती करने के सापेक्ष बीज उत्पादन में 10 प्रतिशत आमदनी बढ़ जाएगी। कहा कि उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम उत्पादकों को गेहूं का बीज एमएसपी दर पर दे सकेंगे। ऐसे केंद्रों से उत्पादित बीज की खरीद भी अग्रिम भुगतान के आधार पर होती है।

यह केंद्र मुरादाबाद और आसपास खेती का नया मानदंड स्थापित करेगा। बतौर विशिष्ट अतिथि पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि कि चार साल में हमने काम किए हैं और आगे बहुत कार्य करने हैं। हमें किसानों का सहयोग और मार्गदर्शन चाहिए। राज्य सरकार ने अनाज के उत्पादन का रिकार्ड बनाया है। पिछले 3 सालों से हम देश में सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादन करने वाले प्रदेश के रूप में स्थापित हुए हैं।

कांठ के विधायक राजेश कुमार चुन्नू ने कृषि मंत्री का जनपद की ओर से स्वागत किया। इस बात की जानकारी दी कि जिस अंचल में बीज विधायन संयंत्र केंद्र स्थापित हुआ है, यहां से बहुत किसान किसान संगठनों में ऊंचे पदों पर काबिज हैं। लेकिन, सबका सहयोग सरकार को प्राप्त है। चुन्नू ने कार्यक्रम में क्षेत्रीय किसानों के सहयोग और योगदान की प्रशंसा की।

उन्होंने कृषि मंत्री से मांग की कि किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान प्राथमिकता के आधार पर हो। उन्होंने कहा कि हम खेती केबल पर राज्य की आमदनी बढ़ाएंगे। इस बात की अपील की कि हमारे किसान भाई तकनीक आधारित खेती करें। यह गन्ना का क्षेत्र है। बीज निगम का एक केंद्र नई प्रजाति के गन्ना का और उत्पादन करेगा। किसान भाई इस सुविधा का लाभ लें और अपनी तरक्की का मार्ग प्रशस्त करें।

उप कृषि निदेशक सीएल यादव ने विभाग के प्रयासों की सिलसिलेवार जानकारी दी। कहा कि जनपद के 3.50 लाख किसान खेती से जुड़े हैं, जिसमें डेढ़ लाख लोग गेहूं की खेती करते हैं। यहां की मुख्य फसल गन्ना है। गन्ना किसानों की जरूरत को देखते हुए हम संसाधनों और सुविधाएं बहाल करें। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने प्रशासन की ओर से अतिथिजनों का आभार व्यक्त किया।

संचालन संस्कार भारती के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजीव आकांक्षी ने की। आरंभ में मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उद्यान, कृषि, स्वयं सहायता समूह, आंगनबाड़ी समूह, स्वास्थ्य विभाग, बैंक और गन्ना विभाग की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी ने विभाग की ओर से मंत्री का स्वागत किया। आयोजकों की ओर संयुक्त निदेशक कृषि जेपी चौधरी ने मुख्यअतिथि और विशिष्ठ अतिथि को स्मृति चिह्न व अंग वस्त्र देकर सम्मान किया।

हम पढ़ेंगे किताब और बेहतर करेंगे खेती-किसानी
मुरादाबाद। शिक्षा और जानकारी हर कार्य के लिए जरूरी है। खेती किसानी तो और महत्वपूर्ण कार्य है। बिना संसाधन, जानकारी और सतर्कता से हम बेहतर नहीं कर सकते। कृषि प्रदर्शनी में कई जानकारियां मिली हैं। किताबें दी गईं हैं और तकनीकी खेती के तरीके बताए गए हैं। हम किताब पढ़कर बेहतर खेती करेंगे। यह बात रविवार को उचैती में कृषि विभाग और उद्यान विभाग की ओर से आयोजित गोष्ठी और प्रदर्शनी से लौट रहे किसानों ने अमृत विचार से बातचीत में कही।

धनुपुरा के नबी हसन के साथ 25 से अधिक किसान ट्रैक्टर-ट्राली पर सवार होकर पहुंचे थे। गांव के जुम्मा का कहना है कि इस तरह के आयोजन होना अच्छा रहा। इसमें धान, गन्ना के साथ सब्जियों की खेती के विषय में हमें जानकारी दी गई। आबिद हुसैन ने कहा कि यहां से जो किताबें मिली हैं, अब हम उन्हें पढ़कर खेती के कार्य करेंगे। अफसर अली का कहना है कि सरकार का यह प्रयास तो बहुत अच्छा है। लेकिन, चीनी मिलों पर हमारे गन्ना का मूल्य रुका पड़ा है। अगर सरकार भुगतान की स्थिति सही कर दे तो और अच्छा हो जाता।

गुरैठा के बाबू खान कहते हैं कि हमारे पास तो मात्र 15 बीघा खेती है। लेकिन, यहां ट्रेंच विधि से गन्ने की खेती के तरीके बताए गए हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि दो नालियों के बीच एक मीटर की दूरी होने पर गन्ने की फसल अच्छी आएगी। हम इस प्रयोग के आधार पर गन्ने की खेती करेंगे। ताहिर हुसैन ने कहा कि फसल चक्र और बीज की उपलब्धता को लेकर यह केंद्र हमारे लिए मददगार होगा। जबकि ताहिर हुसैन ने भी जनवरी माह के बाद गन्ना मूल्य भुगतान न होने पर नाराजगी जाहिर की। बाबू खान ने कहा कि खेती भी पढ़ लिखकर बेहतर की जा सकती है। यहां हमें बहुत तरह की जानकारियां मिली हैं। इस बात का भरोसा है कि अगर हम तकनीकी आधार पर खेती करें, तो खर्चे कम होंगे और आमदनी बढ़ेगी।

पश्चिम बंगाल सहित सभी पांच राज्यों में जीतेंगे चुनाव: शाही
मुरादाबाद । प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही दमखम के साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कमल खिलने का दावा करते हैं। कहते हैं कि अन्य राज्यों में भी पार्टी सरकार बनाएगी। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी बंगाल को लेकर आत्ममुग्ध हैं, जबकि जनता ने बदलाव का मन बना लिया है। मुरादाबाद दौरे पर शाही ने उचौती में बीज विधायन संयंत्र केंद्र पर अनौपचारिक रूप से पत्रकारों से बातचीत की।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए केंद्र और राज्य की सरकारें साझा रूप से प्रयास कर रही हैं। किसान अन्नदाता और हमारा भाग्य विधाता है। इसीलिए सरकार ने 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। उस दिशा में रोजाना प्रयास हो रहे हैं। नया कृषि कानून इस लक्ष्य को हासिल करने का अहम जरिया है। कृषि मंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियां निहित स्वार्थ की वजह से किसानों को गुमराह करने में जुटी हैं, जबकि सरकार किसानों से हर समय वार्ता को तैयार है। सरकार की ओर से बार-बार इस का आमंत्रण भी दिया जा रहा है। ऐसे में हठधर्मिता ठीक नहीं है।

कृषि मंत्री ने कहा कि कुछ लोग पर्दे के पीछे से किसानों को अपना हथियार बना रहे हैं। उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि राज्य से लेकर केंद्र तक में किसानों ने सरकार बनाई है। यह सरकार किसानों के हित को लेकर संकल्पित है। उन्होंने कांग्रेस की जमकर चुटकी ली। बंगाल में किसान आंदोलन शुरू होने को लेकर पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान को कोरी कल्पना ठहराया। कहा कि कांग्रेस पूरे देश में अपनी जमीन खो चुकी है। इसलिए कांग्रेसी अक्सर ऐसा बयान देते रहते हैं। लेकिन, प्रियंका गांधी से बंगाल की जनता गुमराह नहीं होने वाली है। अब कांग्रेस के दिन लद गए और पांच राज्यों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।

संबंधित समाचार