बरेली: बच्चों को परीक्षा से रोका, अभिभावकों ने दी चेतावनी
अमृत विचार, बरेली। स्कूलों की मनमानी और परीक्षाओं से बच्चों को रोकने के बाद रविवार को डीडी पुरम स्थित अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में अभिभावक संघ के पदाधिकारियों का अभिभावकों के साथ संवाद हुआ। इसमें विधायक डा. अरुण कुमार और मेयर डॉ. उमेश गौतम भी शामिल हुए। अभिभावकों ने अपनी समस्याएं जन प्रतिनिधियों और अभिभावक संघ …
अमृत विचार, बरेली। स्कूलों की मनमानी और परीक्षाओं से बच्चों को रोकने के बाद रविवार को डीडी पुरम स्थित अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में अभिभावक संघ के पदाधिकारियों का अभिभावकों के साथ संवाद हुआ। इसमें विधायक डा. अरुण कुमार और मेयर डॉ. उमेश गौतम भी शामिल हुए। अभिभावकों ने अपनी समस्याएं जन प्रतिनिधियों और अभिभावक संघ के सामने रखीं। जन प्रतिनिधियों ने अभिभावकों की समस्याओं का जल्द ही निस्तारण करने का आश्वासन दिया।
अभिभावक संघ के अध्यक्ष अंकुर सक्सेना ने बताया कि बैठक में तय हुआ कि यदि स्कूल नहीं मानते और फीस का पूरा पैसा ही मांगते हैं, सरकार भी कोई आदेश नहीं देती तो अभिभावक संघ को एक बड़ी रणनीति बनानी होगी। जिसके तहत एक विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें स्कूलों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
मेयर डॉ. उमेश गौतम ने अभिभावकों से सीधी बात की। कहा कि जिन अभिभावकों को समस्याएं हैं वे अपनी समस्याएं अभिभावक संघ के माध्यम से लिखकर उन तक पहुंचाएं। उनके यह बात कहने बाद ही सैकड़ों शिकायतें अभिभावक संघ के पास एकत्र हो गईं।
वहीं, नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि संघ का एक ज्ञापन वह पहले ही मुख्यमंत्री तक पहुंचा चुके हैं। डीएम से इस विषय पर बात करेंगे। बैठक के अंत में तय हुआ कि आगामी बुधवार या गुरुवार को स्कूलों के खिलाफ अभिभावक सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। इसके बाद डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे। बैठक में संघ से प्रदेश को-ऑर्डिनेटर संजय अरोरा, महानगर अध्यक्ष काशिफ जमाल, पंकज सक्सेना, सुनील सक्सेना, अमर सिंह परमार आदि मौजूद रहे।
अभिभावकों ने किया हंगामा, लगाए आरोप
अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के सभागार में चल रही अभिभावक संघ की बैठक में कुछ अभिभावकों ने हंगामा कर दिया। आरोप था कि बीते कई वर्षों से अभिभावक संघ सिर्फ लोगों को बातें बता रहा है लेकिन अभी तक फीस के मामले में कुछ नहीं हुआ। अभिभावक संघ ने कितने अभिभावकों का भला कराया है यह भी नहीं पता।
आरोप तो यह भी था कि कुछ गिने चुने लोगों का ही भला इस संघ के माध्यम से क्यों होता है। ऐसे में अभिभावकों ने संघ के ऊपर कई सवालों को को दाग दिया। हालांकि बाद में उन्हें किसी तरह से शांत कराया गया। यह मामला उस वक्त से बिगड़ा जब मेयर डॉ. उमेश गौतम ने यह कहा कि जिस अभिभावक को समस्या हो वह एक पत्र लिखकर उनतक पहुंचा सकता है। जिसकी मदद की जाएगी। अधिकांश अभिभावकों का कहना था कि यहां पर जितने भी अभिभावक आएं है सभी को समस्या है। सभी की समस्या का निस्तारण क्यों नहीं होगा। इसी बात पर हंगामा बढ़ता गया। बाद में उसे किसी तरह शांत कराया गया।
