बरेली: आज भी भुलाए नहीं भूलता लाकडाउन का मंजर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार, बरेली। लाकडाउन को पूरा एक वर्ष बीत चुका है। एक साल बाद अब बरेली शहर में जिंदगी भी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। आज भी शहरवासियों के जेहन में लॉकडाउन का वह मंजर ताजा है। 21 मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लाकडाउन की घोषणा …

अमृत विचार, बरेली। लाकडाउन को पूरा एक वर्ष बीत चुका है। एक साल बाद अब बरेली शहर में जिंदगी भी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। आज भी शहरवासियों के जेहन में लॉकडाउन का वह मंजर ताजा है। 21 मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लाकडाउन की घोषणा की थी जिसे 23 मार्च से 21 दिन के लिए बढ़ा दिया गया था। लॉकडाउन लगते ही परिवहन, कारोबार सभी बंद कर दिए गए। बरेली वासियों की जिंदगी भी पूरी तरह बदल गई थी। हालांकि, अब धीरे-धीरे जिंदगी पटरी पर लौट रही है।

ठीक एक साल पहले लगा लाकडाउन आज भी बरेली शहरवासियों के लिए दर्द का सबब बना हुआ है। लोगों की आर्थिक स्थिति आज भी डांवाडोल है। वहीं, लॉकडाउन में बंद हुईं परिवहन सेवाएं, कारोबार का असर आम जन-जीवन पर भी पड़ा। यह इतिहास का पहला ऐसा आपातकाल रहा जिसे खुद आम लोगों ने अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की वजह से समर्थन दिया। शहर की सड़कें पूरी तरह सुनसान पड़ी थीं।

हर चेहरे पर भविष्य की चिंता की लकीरें खिंची हुई थीं। कोरोना संक्रमण काल में आगे क्या होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं था। बस यह विश्वास था कि अगर कोरोना की चेन तोड़ने में कामयाब हुए तो इस बीमारी से छुटकारा मिल जाएगा। ऐसे समय में पुलिस के जवान शहर के चप्पे-चप्पे पर मुस्तैदी से तैनात थे तो नगर निगम के कर्मचारियों ने शहर में सफाई और सैनेटाइजेशन की जिम्मेदारी संभाल रखी थी।

लाकडाउन की घोषणा बाद ही बाजारों में उमड़ पड़ी थी भीड़
लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। किसी को नहीं पता था कि कोरोना की वजह से यह लॉकडाउन कब तक रहेगा। देश-विदेश से कोरोना को लेकर आने वाली खबरें भी लोगों की चिंता बढ़ा रही थीं। ऐसे में लोग बाजार में अपने घरों के लिए अधिक से अधिक दिनों के लिए राशन खरीदने के लिए बाजारों में जा पहुंचे थे।

परिवहन सेवाएं बंद होने की वजह से फंस गए थे लोग
लाकडाउन में परिवहन सेवाएं बंद होने की वजह से अपने घरों से दूर नौकरी और काम कर रहे लोग वहीं फंस गए थे। ऐसे में हजारों की संख्या में प्रवासी लोग पैदल ही चलकर घर के लिए निकल पड़े थे। वहीं, बीच-बीच में उड़ रही अफवाहों ने भी माहौल और अधिक बिगाड़ कर रख दिया था।

इंटरनेट सेवाओं को करना पड़ा बाधित
लाकडाउन में कोरोना संक्रमण को लेकर बार-बार फैल रही अफवाहों के बीच प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारियों ने 24 से 48 घंटों तक के लिए इंटरनेट सेवाओं को भी बाधित कर दिया था। जिससे अफवाहों पर लगाम लगाई जा सकी।

संबंधित समाचार