बरेली: अस्पताल खाली कराने फिर पहुंची निगम की टीम, विरोध में उतरी आईएमए

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार, बरेली। नगर निगम की टीम तीन दिन बाद फिर पंडित धर्म दत्त शर्मा धर्मार्थ ट्रस्ट के धर्मदत्त सिटी अस्पताल को खाली कराने पहुंची तो जमकर बवाल हुआ। अस्पताल प्रबंधन ने यह कहते हुए विरोध किया कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए बगैर कानूनी नोटिस के अस्पताल खाली नहीं कराया जा सकता। कार्रवाई …

अमृत विचार, बरेली। नगर निगम की टीम तीन दिन बाद फिर पंडित धर्म दत्त शर्मा धर्मार्थ ट्रस्ट के धर्मदत्त सिटी अस्पताल को खाली कराने पहुंची तो जमकर बवाल हुआ। अस्पताल प्रबंधन ने यह कहते हुए विरोध किया कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए बगैर कानूनी नोटिस के अस्पताल खाली नहीं कराया जा सकता।

कार्रवाई करने के लिए पुलिस के साथ पहुंचे नगर निगम के अधिकारियों ने अस्पताल के मुख्य गेट के ताले तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की तो अस्पताल का स्टाफ विरोध में खड़ा हो गया। निगम कर्मचारी ने कटर से गेट में बंधी जंजीर काटने का प्रयास किया तो अस्पताल के संचालक डा. अनुपम शर्मा समेत अन्य कर्मचारियों ने विरोध किया।

इस दौरान कटर लगने की वजह से डा. अनुपम शर्मा सहित अस्पताल के कई कर्मचारी घायल हो गए। बवाल होने की सूचना पर आईएमए पदाधिकारियों के साथ नगर विधायक, मेयर और भाजपा महानगर अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता अस्पताल के समर्थन में वहां पहुंच गए। जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद नगर निगम की टीम ठंडी पड़ गई। हालांकि, देर शाम तक अस्पताल के बाहर पुलिस और अधिकारियों का जमावड़ा लगा रहा।

नगर निगम के अधिकारियों की मानें तो प्रेमनगर में वर्ष 1945 में सिटी इंप्रूवमेंट म्युनिसिपल बोर्ड ने पंडित धर्मदत्त वैद्य को करीब 4000 वर्ग गज जमीन धर्मार्थ अस्पताल के संचालन के लिए पट्टे पर दी थी। नगर निगम यह कहते हुए कार्रवाई कर रहा है कि लीज समाप्त हो गई है और अस्पताल की भूमि धर्मार्थ सेवा के साथ व्यावसायिक प्रयोग में लाई जा रही है।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह जमीन बीडीए के पास है। इसका उन्होंने निर्धारित शुल्क भी जमा किया है। मामला निचली अदालत में विचाराधीन है। इसके बावजूद निगम प्रशासन जबर्दस्ती अस्पताल की जमीन को अपना बताते हुए इसे खाली कराने पर आमादा है। निगम के अधिकारी शनिवार को अस्पताल को खाली कराने पहुंचे थे। अब सोमवार को अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह व अतिक्रमण प्रभारी ललतेश कुमार के नेतृत्व में प्रर्वतन दल और पुलिस बल एक बार फिर अस्पताल पहुंचा तो अस्पताल के स्टाफ ने मेन गेट बंद कर दिया।

पुलिस व निगम की टीम को अंदर आने से रोक दिया। इसके बाद निगम के कर्मचारी ने कटर से गेट में पड़ी जंजीर काटने की कोशिश की तो अस्पताल के कर्मचारी और ज्यादा आक्रोशित हो गए। इस बीच धक्का-मुक्की और खींचतान शुरू हो गई। कटर रोकने की वजह से अस्पताल संचालक डॉ. अनुपम शर्मा सहित उनके कई स्टाफ को चोट लग गई। अस्पताल के अंदर दाखिल होने में नाकाम रहे अफसरों ने सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार को मौके पर बुला लिया। साथ ही गेट तोड़ने के लिए जेसीबी भी मंगवा ली।

इस बीच आईएमए के अध्यक्ष डॉ. मनोज अग्रवाल, डॉ. विनोद पागरानी सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक भी पहुंच गए और निगम की कार्रवाई का विरोध करते हुए अस्पताल को समर्थन देने की बात कही। शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार और मेयर डॉ. उमेश गौतम भी अस्पताल के समर्थन में मौके पर पहुंच गए। इसके बाद निगम की टीम निष्क्रिय होती चली और अधिकारी भी इधर-उधर हो गए। हालांकि, अस्पताल के पास देर शाम तक अफसर और पुलिस फोर्स मौजूद रहा।

नगर निगम इस मामले को लेकर ज्यादती कर रहा है। निगम के पास कोई वैधानिक कागजात नहीं हैं। सोमवार को भी नगर निगम के अधिकारी पूरी तरह निरंकुशता पर उतारू थे। इस मामले में कोर्ट का आदेश आना बाकी है।
-डॉ. अनुपम शर्मा, संचालक, धर्म दत्त सिटी अस्पताल

संबंधित समाचार