बरेली: अफसरों ने दी गलत रिपोर्ट, भड़के पार्षद
अमृत विचार, बरेली। नगर निगम कार्यकारिणी की बजट बैठक में सदस्यों ने यह कहते हुए हंगामा किया कि निगम की इस बार अनुमानित आय करीब 372 करोड़ रुपये है तो अगले वित्तीय साल से निगम करीब 428 करोड़ रुपये कहां से खर्च होंगे? सदस्यों ने निगम की आमदनी न बढ़ने को लेकर नाराजगी जताई। विज्ञापन …
अमृत विचार, बरेली। नगर निगम कार्यकारिणी की बजट बैठक में सदस्यों ने यह कहते हुए हंगामा किया कि निगम की इस बार अनुमानित आय करीब 372 करोड़ रुपये है तो अगले वित्तीय साल से निगम करीब 428 करोड़ रुपये कहां से खर्च होंगे? सदस्यों ने निगम की आमदनी न बढ़ने को लेकर नाराजगी जताई। विज्ञापन में भी वसूली की स्थिति काफी खराब मिली। सदस्यों ने इसका जवाब पूछा तो अधिकारियों ने आय को बढ़ा दिया। मेयर ने अधिकारियों से निगम की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों से वसूली के लक्ष्य जल्द से जल्द पूरे करने को कहा है।
नगर निगम में मेयर डॉ. उमेश गौतम की अध्यक्षता में हुई बैठक में कोष विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय साल में निगम को करीब 372 करोड़ की आमदनी हुई है। अगले वित्तीय साल में निगम का 31 मार्च 2022 तक करीब 428 करोड़ रुपये खर्च करने का बजट है। इस पर कार्यकारिणी के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि जब निगम की आय कम है तो निगम उससे कहीं ज्यादा खर्च कैसे वहन कर सकेगा।
इस पर अफसरों ने बताया कि निगम के पास पहले के बजट का करीब 70 करोड़ रुपये और रखा गया है। उसे शामिल करके अगले वित्तीय साल के व्ययों को पूरा किया जा सकता है। मेयर ने अफसरों को निर्देश दिए कि जिन विभागों को वसूली के लिए जो लक्ष्य दिए गए थे, उन्हें पूरी ताकत लगाकर पूरे किए जाएं, तभी निगम को मजबूत किया जा सकता है। कार्यकारिणी सदस्य व पार्षद कपिल कांत सक्सेना ने विज्ञापन की आमदनी को लेकर असंतोष जाहिर किया।
अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय साल विज्ञापन से निगम को दो करोड़ रुपये की वसूली करनी थी, लेकिन अब तक 1.20 करोड़ रुपये ही मिले हैं। कार्यकारिणी की आपत्ति के बाद अधिकारियों ने यह आंकड़ा ठीक करते हुए इसे 1.68 करोड़ रुपये कर दिया। अगले वित्तीय साल में विज्ञापन से आठ करोड़ रुपये बजट तय किया गया है।
इसके बाद नगर निगम के तमाम विभागों को अगले वित्तीय साल के लिए बजट की स्वीकृति दी गई। हालांकि इस बजट पर नगर निगम बोर्ड की बैठक में अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है। बैठक में उपसभापति संजय राय, नगर आयुक्त अभिषेक आनंद, अपर आयुक्त श्यामलता आनंद, चीफ इंजीनियर बीके सिंह, जलकल महाप्रबंधक राजेश कुमार यादव, अधिशासी अभियंता निर्माण राजीव चौहान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
सड़कों के निर्माण पर सबसे ज्यादा खर्च होगा बजट
बैठक में कोषाधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि अगले वित्तीय साल के लिए सड़क निर्माण के लिए निगम निधि से 60 करोड़ व 15वें वित्त आयोग से 52 करोड़, जलकल के लिए 15वें वित्त से 25 करोड़ व निगम निधि से सात करोड़, पथ प्रकाश के लिए आठ करोड़ रुपये सहित कई दूसरे विभागों के लिए भी बजट पास हुए हैं।
निर्धन के दाह संस्कार के लिए सभासद दे सकेंगे दो हजार रुपये
कार्यकारिणी सदस्य राजकुमार गुप्ता, संजय राय, कमल कांत सक्सेना सहित कई लोगों ने बैठक में यह मामला उठाया कि उनके वार्डों में कई बार बहुत निर्धन व असहाय व्यक्तियों के निधन के बाद उनके घरवालों के पास अंतिम संस्कार तक के लिए धन नहीं होता है। मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए ऐसे परिवारों के लिए सभासद स्तर पर दो हजार रुपये स्वीकृति देने की छूट दी जानी चाहिए। इस पर मेयर ने सहमति जाहिर की।
कई वार्डों में कूड़ा टेंपो न मिलने से मचा बवाल
कार्यकारिणी सदस्यों ने बताया कि राजू मिश्रा, संजय राय सहित कुछ अन्य पार्षदों के वार्डों में अब तक टेंपो नहीं दिए गए हैं। जिससे वहां कूड़ा उठने में दिक्कत हो रही है। जबकि पता यह भी चला है कि इन वार्डों के लिए टेंपो दे भी दिए गए हैं तो आखिर वो टेंपो कहां है। अधिकारियों ने इसका जल्द ही निस्तारण करने का निर्देश दिया।
