बरेली: धर्मदत्त अस्पताल के खिलाफ नगर निगम में तालाबंदी
बरेली, अमृत विचार। धर्मदत्त सिटी अस्पताल प्रकरण में गुरुवार को नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारियों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने नगर निगम में तालाबंदी के बाद हड़ताल कर कामकाज ठप रखा। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अनुपम शर्मा व उनकी पत्नी डॉ. मृदुला शर्मा को भू-माफिया घोषित कराने की मांग की। …
बरेली, अमृत विचार। धर्मदत्त सिटी अस्पताल प्रकरण में गुरुवार को नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारियों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने नगर निगम में तालाबंदी के बाद हड़ताल कर कामकाज ठप रखा। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अनुपम शर्मा व उनकी पत्नी डॉ. मृदुला शर्मा को भू-माफिया घोषित कराने की मांग की। हंगामा करते हुए कर्मचारियों ने नगर निगम का मुख्य दरवाजा तक बंद कर दिया। साथ ही अंदर सभी कार्यालयों में ताले लगा दिए। इस वजह से नगर निगम में काम से आए लोगों को वापस लौटना पड़ा।
बता दें कि डॉ. अनुपम शर्मा ने नगर निगम के कई अधिकारियों के साथ 20 कर्मचारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। बावजूद नगर निगम की टीम ने अस्पताल पर जबरिया कब्जे की कोशिश की थी। विरोध करने पर निगम की टीम ने हमला करके कई चिकित्सक व स्टाफ को घायल कर दिया था। फिलहाल इस मामले को लेकर नगर निगम और अस्पताल प्रबंधन के बीच तलवारें खिंच गई हैं।
अस्तपाल के चिकित्सक डॉ. अनुपम शर्मा का दावा है कि अस्पताल की जमीन सिटी इंप्रूवमेंट म्युनिसिपल बोर्ड से वर्ष 1945 में पट्टे पर ली गई थी। अब इसका स्वामित्व बीडीए के पास है। इसकी रसीद भी बीडीए ने दी है। यह प्रकरण एक निचली अदालत में विचाराधीन है। बावजूद नगर निगम के अधिकारियों ने पिछले शनिवार को अस्पताल को अवैधानिक तरीके से खाली कराने की कोशिश की थी।
सोमवार को भी नगर निगम के अधिकारियों ने फोर्स की मदद से अस्पताल पर कब्जे की कोशिश की थी। विरोध पर निगम के प्रवर्तन दल ने हमला करके उनके साथ कई चिकित्सक व कर्मचारियों को घायल कर दिया था। इस मामले में डॉ. अनुपम ने प्रेमनगर थाने में नगर निगम के कई अधिकारियों व कर्मचारियों समेत 20 लोगों पर केस दर्ज करा दिया। इस मामले में पलटवार करते हुए गुरुवार को नगर निगम के तमाम कर्मचारी लामबंद हो गए और हंगामा करते हुए निगम के मेन गेट को बंद कर सभी कार्यालयों के कामकाज को ठप कराते हुए हड़ताल की घोषणा कर दी।
कर्मचारियों का कहना था कि निगम की करीब दो सौ करोड़ की अस्पताल की जमीन का पट्टा निरस्त हो चुका है। हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में भी यह केस अस्पताल प्रबंधन हार चुका है। जयपाल सिंह पटेल ने निगम के अधिकारी व कर्मचारियों पर दर्ज केस वापस लेने के साथ ही डॉ. अनुपम शर्मा व उनकी पत्नी डॉ. मृदुला शर्मा को भू-माफिया घोषित करने की मांग जोरशोर से उठाई। कर्मचारियों ने यह मांग न पूरी होने तक हड़ताल वापस न लेने की घोषणा की भी।
धर्मदत्त सिटी अस्पताल मामले को लेकर कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की जानकारी है। हालांकि विभागों में जरूरी काम हो रहे हैं। -अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त
