बरेली: एफआईआर वापसी के आश्वासन पर निगम में हड़ताल खत्म
बरेली, अमृत विचार। धर्मदत्त सिटी अस्पताल प्रकरण में अस्पताल प्रबंधन की ओर से नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारियों पर दर्ज एफआईआर को पुलिस अधिकारियों ने खारिज करने का आश्वासन दिया है। इसके बाद नगर निगम के कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ले ली। एडीजी ने विवेचक को शनिवार को मामले की रिपोर्ट के साथ बुलाया …
बरेली, अमृत विचार। धर्मदत्त सिटी अस्पताल प्रकरण में अस्पताल प्रबंधन की ओर से नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारियों पर दर्ज एफआईआर को पुलिस अधिकारियों ने खारिज करने का आश्वासन दिया है। इसके बाद नगर निगम के कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ले ली। एडीजी ने विवेचक को शनिवार को मामले की रिपोर्ट के साथ बुलाया है। इससे पहले नगर निगम ने भी अस्पताल संचालक व उनकी चिकित्सक पत्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसकी विवेचना पुलिस कर रही है। इस प्रकरण को लेकर नगर निगम प्रशासन और धर्मदत्त सिटी अस्तपाल प्रबंधन आमने-सामने आ गए हैं।
नगर निगम के अधिकारी पुलिस फोर्स व प्रवर्तन दल के जवानों के साथ रविवार को अस्पताल की जमीन पर अपना स्वामित्व बताते हुए खाली कराने पहुंचे थे। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन और नगर निगम टीम के साथ काफी बवाल हुआ था। अस्पताल की ओर से निगम के 20 अफसर व कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज होने की घटना के बाद गुरुवार को नगर निगम के कर्मचारियों ने तालाबंदी करते हुए हड़ताल शुरू कर दी थी।
कर्मचारियों ने करीब दो सौ करोड़ रुपये की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगाते हुए निगम के अफसर व कर्मचारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग जोरशोर से उठाई थी। पुलिस के उच्चाधिकारियों की ओर से अफसर-कर्मचारी पर दर्ज केस वापस लेने के आश्वासन के बाद निगम के कर्मचारियों ने अपनी बेमियादी घोषित हड़ताल को शुक्रवार को वापस ले लिया। इससे निगम के संबंधित कामकाज शुक्रवार को सामान्य हो गए। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि अभी रिपोर्ट खारिज नहीं की गई है। विवेचना की जा रही है। जल्द ही इसे खारिज किया जाएगा।
ये है मामला और घटनाक्रम
धर्म दत्त सिटी अस्पताल की वर्ष 1945 में दी गई जमीन का पट्टा नगर निगम बोर्ड ने वर्ष 2003 में निरस्त कर दिया था। इसके बाद यह मामला हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में भी गया था। अस्पताल के संचालक डॉ. अनुपम शर्मा की ओर से दायर यह मामला एक निचली अदालत में ले जाया गया है। उसकी सुनवाई चल रही है। उनका दावा है कि यह जमीन नगर निगम की नहीं, बल्कि बीडीए की है। उन्होंने वहां से जमीन फ्री-होल्ड में करा रखी है। नगर निगम इस जमीन पर अपना स्वामित्व बता रही है जब नगर निगम की टीम पिछले शनिवार को इस अस्पताल को खाली कराने पहुंची तो वहां जमकर बवाल हुआ था। अगले दिन नगर निगम के दोबारा पहुंचने पर भी अस्पताल में हंगामा हुआ था।
मामले के बाद नगर निगम ने डॉ. अनुपम शर्मा व उनकी चिकित्सक पत्नी डॉ. मृदुला शर्मा के खिलाफ प्रेमनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। सोमवार को निगम के अफसर फोर्स के साथ फिर अस्पताल पहुंचे तो वहां फिर काफी देर बवाल हुआ। डॉ. अनुपम शर्मा का कहना है कि निगम की टीम जबरिया कब्जा लेने के लिए हमलावर हो गई। इसमें उनके साथ उनके स्टाफ में कई चिकित्सक व कर्मचारी भी घायल हो गए थे। इस मामले में डॉ. अनुपम शर्मा ने प्रेमनगर थाने में अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह, अतिक्रमण प्रभारी ललतेश सक्सेना, प्रवर्तन दल दस्ता प्रभारी जयपाल पटेल सहित निगम के 20 अफसर व कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज करा दी गई थी।
धर्मदत्त सिटी अस्पताल मामले को लेकर जानकारियां बीडीए से मांगी गईं थी। उसकी रिपोर्ट मिल गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर जमीन का स्वामित्व नगर निगम के होने की पुष्टि की गई है। इस मामले में बीडीए अपने स्तर से कार्रवाई करेगा। -अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त
