बरेली: लोकल उत्पादों की ब्रांडिंग करेंगे छात्र
बरेली, अमृत विचार। उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र क्षेत्रीय उत्पादों की ब्रांडिंग करेंगे। एक जिला एक उत्पाद के तहत चिन्हित उत्पादों की मार्केटिंग भी छात्र करेंगे। उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से विश्वविद्यालय के कुलपति, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी और सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य को निर्देश जारी किए हैं। उच्च शिक्षा विभाग और …
बरेली, अमृत विचार। उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र क्षेत्रीय उत्पादों की ब्रांडिंग करेंगे। एक जिला एक उत्पाद के तहत चिन्हित उत्पादों की मार्केटिंग भी छात्र करेंगे। उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से विश्वविद्यालय के कुलपति, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी और सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य को निर्देश जारी किए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग और सूक्ष्म और लघु उद्योग के बीच साइन हुए एमओआई के तहत छात्रों को इन उद्योगों की ईकाइयों में इंटरनशिप के लिए भेजा जाएगा। इस इंटरशिप के दौरान छात्र उद्योगों से तो सीखेंगे साथ ही वह वहां के उत्पादों के प्रचार प्रसार के तरीके भी बताएंगे। विश्वविद्यालय को स्थानीय स्तर पर एमएसएमई के अधिकारियों से समन्वय बनाकर को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश में हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी, एक जिला एक उत्पाद और एमएसएमई क्षेत्र के उत्पादों के डिजाइन, प्रौद्योगिकी, विपणन और वित्तीय प्रबंधन में सुधार लाने के लिए इकाईयों में छात्र इंटरशिप करेंगे। इसके अलावा इन इकाईयों में छात्रों के लिए शोध प्रबंधन की भी व्यवस्था होगी। इसके अलावा भी कई व्यवस्थाएं की जाएंगी। छात्रों को अपने पाठयक्रम के एक हिस्से में भी परियोजना को पूरा करना होगा।
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पहले से ही इंक्यूबेशन सेंटर, कंसलटेंसी सेल और शोध निदेशालय की स्थापना की जा चुकी है। विश्वविद्यालय में कुछ नए पाठयक्रम भी शुरू किए हैं। जिनमें अंतिम वर्ष में एक रिसर्च वर्क भी रखा गया है। विश्वविद्यालयों को प्रत्येक वर्ष एक हैकाथॉन का आयोजन करने के भी निर्देश दिए गए हैं। छात्रों को उद्यमी बनने के लिए प्रेरित भी किया जाएगा।
विश्वविद्यालय की कंसलटेंसी सेल ने इस पर काम करना भी शुरू कर दिया है। कई छात्रों ने स्टार्टअप शुरू करने के भी सुझाव मांगे हैं। लोकल उत्पादों के प्रचार से इन उत्पादों की बाजार में डिमांड बढ़ेगी। सभी जिलों के सूक्ष्म व लघु उद्योगों की सूची तैयार करके क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को दी जाएगी। विश्वविद्यालय को कार्ययोजना तैयार करके सभी महाविद्यालयों को उपलब्ध करानी होगी। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी।
