बरेली: पंचायत चुनाव- अधिसूचना जारी होते ही जातिगत समीकरण साधने में जुटी सपा
अमृत विचार, बरेली। पंचायत चुनाव में सफलता हासिल करने के लिए समाजवादी पार्टी किसान आंदोलन समेत कई मुद्दों के जरिए भाजपा के खिलाफ माहौल तैयार कर रही है। पार्टी हाईकमान के निर्देश पर सपा ने हर छोटे-बड़े नेताओं को मैदान में उतारकर उपलब्धियां गिनाकर अपने पक्ष में माहौल बनाने का फैसला लिया है। जिलाध्यक्ष अगम …
अमृत विचार, बरेली। पंचायत चुनाव में सफलता हासिल करने के लिए समाजवादी पार्टी किसान आंदोलन समेत कई मुद्दों के जरिए भाजपा के खिलाफ माहौल तैयार कर रही है। पार्टी हाईकमान के निर्देश पर सपा ने हर छोटे-बड़े नेताओं को मैदान में उतारकर उपलब्धियां गिनाकर अपने पक्ष में माहौल बनाने का फैसला लिया है। जिलाध्यक्ष अगम मौर्य का कहना है विधानसभा से पहले पंचायत चुनावों को पूर्वाभ्यास मानकर सपा तैयारियों पर फोकस कर रही है।
पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद वैसे तो सभी सियासी दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। वहीं, पिछली बार के परिणाम को देखते हुए सपा पंचायत चुनाव के जरिए अति पिछड़ी और अनुसूचित जातियों को साधने की कोशिश में है। इस चुनाव में इन जातियों से उम्मीदवार उतारकर उन्हें पार्टी के पक्ष में गोलबंद किया जाएगा ताकि इसका फायदा आगामी विधानसभा चुनाव में मिल सके।
वहीं, पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित सीट पर गैर यादव और अनुसूचित जाति की सीट पर मजबूत गैर जाटव उम्मीदवार होने पर सपा उसका समर्थन कर सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी जिलाध्यक्षों को इशारा कर दिया है। पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि आधार वोट बैंक मुसलमान और यादव हैं। इसलिए अन्य जातियों को जोड़कर आसानी से चुनावी नैय्या पार की जा सकती है।
इधर,भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने को पार्टी घेरा कार्यक्रम समेत कई अन्य तरह के कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इधर, सपा प्रवक्ता मयंक शुक्ला का कहना है, सपा हमेशा हर वर्ग को साथ लेकर चली है। पंचायत चुनाव और आगामी विधानसभा चुनाव में हर जाति को तवज्जो मिलेगी। अति पिछड़ों व अनुसूचित जाति को उनका हक सपा ही दिला सकती है। अल्पसंख्यकों के हक के लिए पार्टी ने निरंतर संघर्ष किया है। पंचायत चुनाव पार्टी के सिंबल पर नहीं होता है। ऐसे में विभिन्न इलाके से हर वर्ग के उम्मीद्वारों का पार्टी के कार्यकर्ता समर्थन करेंगे।
महिलाएं भी खूब कर साइकिल की सवारी
पंचायत चुनाव को विधानसभा का सेमीफाइनल मान चुकी सपा हर स्तर पर संगठन को मजूबत करने की तैयारी है। इसमें महिलाएं भी बखूबी पार्टी के साथ कदमताल मिलाकर चल रही है। बड़ी संख्या में हाल ही में अन्य दलों की महिलाओं ने पार्टी की ताकत बढ़ाने को साइकिल की सवारी की।
इसके अलावा पार्टी की तरफ से आयोजित साइकिल रैली हो या पिछले दिनों तीन दिवसीय कार्यशाला के दौरान अखिलेश की मौजूदगी में महिलाओं की उपस्थिति या फिर किसान आंदोलन में महिलाओं का पावर शो इसमें महिलाएं भी कूद पड़ी। रामपुर से लखनऊ तक जाने वाली साइकिल यात्रा में भी महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा का लिया था। इसमें खासतौर से महिला सभा की जिलाध्यक्ष भारती चौहान, वरिष्ठ छात्र नेता नेहा यादव एवं पूर्व महिला आयोग की सदस्य बेनजीर उमर का साइकिल चला कर लखनऊ तक जाना पार्टी में आज भी चर्चा का विषय बना है।
