बरेली: स्कूलों ने फीस बढ़ाने के साथ ही शुरु कर दी वसूली

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार, बरेली। नए शिक्षा सत्र से फीस बढ़ाने के साथ ही निजी स्कूलों ने अब अवैध वसूली भी शुरू कर दी है। रिजल्ट, टीसी आदि दस्तावेजों के नाम पर अभिभावकों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। एक-एक छात्र से 10-10 हजार रुपये तक मांगे जा रहे हैं। विद्यार्थियों ने डीआईओएस कार्यालय में …

अमृत विचार, बरेली। नए शिक्षा सत्र से फीस बढ़ाने के साथ ही निजी स्कूलों ने अब अवैध वसूली भी शुरू कर दी है। रिजल्ट, टीसी आदि दस्तावेजों के नाम पर अभिभावकों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। एक-एक छात्र से 10-10 हजार रुपये तक मांगे जा रहे हैं। विद्यार्थियों ने डीआईओएस कार्यालय में कई शिकायतें की हैं।

नवाबगंज के आरपी गंगवार इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली 12वीं की छात्रा ने शिकायत में बताया कि उसने स्कूल से ही 12वीं की परीक्षा पास की थी मगर जब वह स्कूल में अपनी टीसी लेने के लिए गई तो स्कूल प्रबंधन ने टीसी के लिए 10 हजार रुपये मांगे। मामले की शिकायत छात्रा ने आईजीआरएस पोर्टल पर की है।

शीशगढ़ का राजा खन्नू सिंह कठेरिया स्कूल में कक्षा 11 के एक छात्र की टीसी देने के नाम पर स्कूल प्रबंधन पर 7 हजार रुपये मांगने का आरोप है। कहा कि स्कूल प्रबंधन का कहना है कि जब तक वह 7 हजार रुपये नहीं देंगे तब तक स्कूल से उसकी टीसी नहीं दी जाएगी। राजकीय हाईस्कूल बीजामऊ में बच्चों का रिजल्ट देने के नाम पर 10 हजार रुपये की लगातार मांग की जा रही है।

जीएसएम इंटर कॉलेज सुभाषनगर में रिजल्ट देने के नाम पर बच्चों से 2-2 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। डीआईओएस डॉ. अमरकांत सिंह का कहना है कि ये सभी शिकायतें उन्हें आईजीआरएस पोर्टल से मिली है। सभी की लगातार जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर स्कूल संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निजी स्कूल में पढ़ाने में असमर्थ तो 3200 रुपये की मांग की
सुभाष नगर निवासी एक अभिभावक ने कमिश्नर से शिकायत की है कि उनका बेटा राजीव कॉलोनी के दुर्गा पब्लिक स्कूल में पढ़ता है। लॉकडाउन में जब परिवार फीस देने में असमर्थ हुआ तो उन्होंने स्कूल से बच्चे का नाम कटाने का फैसला किया। स्कूल की पूरी फीस अभिभावकों ने पहले ही जमा कर दी थी। इसके बाद जब वह टीसी लेने गए तो स्कूल संचालकों ने उनसे 3200 रुपये की मांग की। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन का कहना है कि जब तक वह 3200 रुपये नहीं देंगे तब तक वह उसकी टीसी नहीं देंगे।

वर्जन
आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से तमाम ऐसे स्कूलों की शिकायतें मिली हैं जिन्होंने रिपोर्ट कार्ड और टीसी के नाम पर रुपयों की मांग की है। सभी स्कूलों की जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अमरकांत सिंह, डीआईओएस

संबंधित समाचार