बरेली: 53.85 लाख रुपये की स्ट्रीट लाइटें लगाने में खेल
बरेली, अमृत विचार। बीडीए की करीब 270 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जा रही रामगंगानगर आवासीय परियोजना में 45 मीटर चौड़ी मास्टर रोड पर स्ट्रीट लाइटें लगाने के नाम पर घपला सामने आया है। बीडीए के मुख्य अभियंता ने इस काम में घोटाला होने का दावा करते हुए शासन को अवगत कराया है कि बगैर …
बरेली, अमृत विचार। बीडीए की करीब 270 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जा रही रामगंगानगर आवासीय परियोजना में 45 मीटर चौड़ी मास्टर रोड पर स्ट्रीट लाइटें लगाने के नाम पर घपला सामने आया है। बीडीए के मुख्य अभियंता ने इस काम में घोटाला होने का दावा करते हुए शासन को अवगत कराया है कि बगैर टेंडर के ही करीब 53.85 लाख रुपये से स्ट्रीट लाइटों का ठेका चहेते ठेकेदार को दे दिया गया है जबकि इन दिनों यहां स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम तेजी से कराया जा रहा है। फिलहाल शासन की ओर से इस प्रकरण को लेकर जांच के आदेश आने का इंतजार किया जा रहा है।
बीडीए में करोड़ों रुपये के कामों का एक के बाद एक काला चिट्ठा सामने आना शुरू हो गया है। पूर्व में उपाध्यक्ष रहीं दिव्या मित्तल ने लंबे समय से ठप पड़ी इस आवासीय परियोजना को ऑक्सीजन देने के लिए परियोजना से होकर 45 मीटर और करीब पांच किलोमीटर लंबी मास्टर रोड बनाने का प्रोजेक्ट करीब 12 करोड़ रुपये से पास कराया था लेकिन इस काम में घपले सामने आने लगे हैं।
बीडीए के चीफ इंजीनियर त्रिलोकीनाथ की ओर से शासन को पत्र भेजा था कि रामगंगानगर में 53 लाख 85 हजार 577 रुपये से स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम टेंडर प्रक्रिया पूरी किए बगैर ही शुरू करा दिया गया है जबकि 45 मीटर चौड़ी मास्टर रोड और करगैना नाले के निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी की गई थी।
जाहिर है कि अधिकारियों ने यह कार्रवाई अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए की है। खुद चीफ इंजीनियर की ओर से इस गड़बड़ी का भंडाफोड़ करने के बाद शासन द्वारा भी इस प्रकरण को गंभीरता से लेने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, अभी शासन की ओर से बीडीए को इस संबंध में कोई पत्राचार किए जाने की सूचना नहीं है।
चीफ इंजीनियर यह मामला पहले ही उजागर कर चुके हैं कि रामगंगानगर में सेक्टर-दो के सलिल खंड में नौ दुकानों के निर्माण (अनुमानित लागत 3823747 रुपये है) का कार्य भी बगैर टेंडर दिए पूरा कराया गया है। बीडीए के अधिकारियों के पास इन आरोपों का कोई सटीक जवाब भी नहीं है।
चीफ इंजीनियर को बाईपास करके उपाध्यक्ष को भेज दी गईं पत्रावलियां
बीडीए के मुख्य अभियंता के दावे को मानें तो बीडीए में जमकर मनमानी चल रही है। उनका कहना है कि बीडीए की एकमात्र रामगंगानगर आवासीय परियोजना से संबंधित समस्त पत्रावलियां अधीक्षण अभियंता राजीव दीक्षित द्वारा उन्हें न देकर सीधे सचिव अंबरीष कुमार को प्रेषित करने के आदेश जारी कर दिए गए। इसी तरह तमाम तरह की मनमानी बीडीए में चल रही हैं जिन पर अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। इसके अलावा ठेकेदारों के पंजीकरण भी गुपचुप तरीके से किए जा रहे हैं।
नहीं जल रहीं स्ट्रीट लाइटें, मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
रामगंगानगर आवासीय योजना के सेक्टर सात की ईटी-2, ब्लॉक 1/201 कॉलोनी में काफी दिनों से स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रही हैं। यहां रहने वाले वैभव त्रिपाठी का कहना है कि स्थानीय अधिकारियों को इस समस्या से कई बार अवगत कराया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। कालोनी शहर से दूर है। ऐसे में लाइटें नहीं जलने से चोर-उचक्कों का डर रहता है। महिला सुरक्षा को लेकर भी लाइट का जलना बहुत जरूरी है। उन्होंने इस संबंध में सीएम योगी आदित्यनाथ को शिकायत भेजते हुए इस समस्या को तत्काल दूर कराने जाने का आग्रह किया है।
अचानक आमने-सामने आ गए दो बड़े अफसर
रामगंगानगर आवासीय परियोजना में रोड, स्ट्रीट लाइट लगाने सहित दूसरे तमाम काम काफी समय से चल रहे हैं लेकिन अब इन कामों को लेकर बीडीए के कुछ बड़े अधिकारी अचानक घपलेबाजी और गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए आमने-सामने आ गए हैं। बीडीए के मुख्य अभियंता ने वीसी जोगिंदर सिंह पर निशाना साधते हुए उनके साथ कई और अधिकारियों को लपेटते हुए शासन को पत्र भेजा है जबकि बीडीए वीसी का कहना है कि मुख्य अभियंता एक मामले में फंसे हैं। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति भी हो चुकी है। इसलिए अनर्गल शिकायतें हो रही हैं।
“रामगंगानगर की मास्टर रोड पर स्ट्रीट लाइट लगाने के काम टेंडर प्रक्रिया पूरी किए बगैर ही दिए गए हैं। इसी तरह कई और कार्यों में भी मनमानी हुई। इसे लेकर शासन को अवगत कराया जा चुका है।” -त्रिलोकी नाथ, मुख्य अभियंता, बीडीए
