बरेली: चोरी के आरोप में जेल में बंद युवक की मौत
बरेली, अमृत विचार। चोरी के आरोप में जेल में बंद युवक की जिला अस्पताल लाते वक्त रास्ते में मौत हो गई। वह छह माह से चोरी के आरोप में बंद है। करीब पांच माह पहले उसे हल्द्वानी से बरेली जिला जेल में लाया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बंदी की मौत ब्रेन हेमरेज से …
बरेली, अमृत विचार। चोरी के आरोप में जेल में बंद युवक की जिला अस्पताल लाते वक्त रास्ते में मौत हो गई। वह छह माह से चोरी के आरोप में बंद है। करीब पांच माह पहले उसे हल्द्वानी से बरेली जिला जेल में लाया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बंदी की मौत ब्रेन हेमरेज से हुई है। उसकी मौत से परिजनों का रो रोकर बुराहाल है।
हजियापुर के रहने वाले सलीम ने बताया कि दानिश उनका साला था। वह हजियापुर खजूरवाली मस्जिद के पास रहता था। उस पर चोरी का आरोप लगा था। छह माह पहले उसे हल्द्वानी जेल में बंद किया गया था। वहां से जमानत होने के बाद उसे जिला जेल भेज दिया गया। उस पर प्रेमनगर और इज्जतनगर थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज है।
सलीम ने बताया कि दानिश की तबियत सोमवार रात को 11.30 बजे तबियत खराब हुई थी। जेल पुलिस ने उसे जिला जेल अस्पताल में दिखाया। जहां हालात खराब होने पर वह जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल लाते वक्त दानिश ने रास्ते में दम तोड़ दिया। जेल अधिकारियों ने बताया कि दानिश को हल्द्वानी के उपकारागार से 26 नवंबर 2020 को बरेली लाया गया था। मृतक दानिश के तीन बेटे और एक बेटी है। बेटे की मौत पर मां और पत्नी का रो रोकर बुराहाल है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बंदी की मौत ब्रेन हेमरोज से हुई है।
बेटे की जमानत को घरों काम करती थी मां
दानिश के बहनोई सलीम ने बताया कि उस पर झूठे आरोप लगे थे। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। बताया कि हल्द्वानी जेल से जमानत कराने के लिए उसके परिजनों के पास रुपये नहीं थे। तब उसकी मां घरों में चौका बर्तन और साफ सफाई का काम करने लगी।
बताया कि बेटे की जमानत को उसकी मां भीख मांग कर भी रुपये एकत्र कर रही थी, लेकिन समय के आगे उसकी मां मेहनत बेकार हो गई। सलीम ने बताया कि अब मां का रो रोकर बुराहाल है। वह कहती है अब उनका बेटा कभी नहीं वापस आएगा। वहीं परिवार में भी कोई बड़ा पुरुष नहीं रहा है, जो दानिश के बच्चों की देखभाल कर सके।
