बरेली: संक्रमितों को रेफर करने की समस्या समाप्त, शुरू हुई रेफरल स्लिप व्यवस्था

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। जिले में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ने के बाद प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग की अलर्ट मोड में आ गया है। वहीं, मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मंडलीय कोविड अस्पताल के अलावा अन्य दो मेडिकल कालेजों में बेड उपलब्धता की व्यवस्था को लेकर भी निर्देशित किया गया है। वहीं, …

बरेली, अमृत विचार। जिले में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ने के बाद प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग की अलर्ट मोड में आ गया है। वहीं, मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मंडलीय कोविड अस्पताल के अलावा अन्य दो मेडिकल कालेजों में बेड उपलब्धता की व्यवस्था को लेकर भी निर्देशित किया गया है।

वहीं, इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने पर मरीज को हायर सेंटर या निजी कोविड अस्पताल में भर्ती होने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब जिले में रेफरल स्लिप सिस्टम शुरू किया गया है। इससे मरीजों की परेशानी तो दूर होगी ही, कोविड अस्पतालों की समस्या भी काफी हद तक कम हो सकेगी। वहीं, अस्पतालों के पास भी भर्ती हुए मरीजों का लीगल रिकार्ड नहीं होता था। इससे मरीज के भर्ती होने पर होने वाले भुगतान में भी दिक्कत आती थी।

अब अस्पतालों के भुगतान की समस्या भी खत्म होगी।जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ.रंजन गौतम ने बताया कि जिले में रेफरल स्लिप सिस्टम से मरीजों को रेफर होने या निजी कोविड अस्पताल में तत्काल भर्ती किया जा सकेगा। रेफर करने के दौरान हायर सेंटर या निजी कोविड अस्पताल में रेफर की जानकारी इस स्लिप पर होगी। स्लिप पर जिम्मेदार अधिकारियों मसलन, संबंधित अस्पताल और जिला सर्विलांस अधिकारी के हस्ताक्षर भी होंगे। इस रेफरल स्लिप को ही अधिकारी की अनुमति माना जाएगा। पीड़ित या स्वजन संबंधित अस्पताल को रेफरल स्लिप देंगे। इसके बाद मरीजों को भर्ती करने से निजी अस्पताल इन्कार नहीं कर सकेंगे।

डायरिया समेत सात नए लक्षणों का डर
पहले कोरोना संक्रमण होने की स्थिति में केवल बुखार, खांसी, सूंघने और स्वाद में अंतर समझने की इंद्रियों पर असर पड़ता था। वहीं, कोरोना संक्रमण के नए स्ट्रेन में सात अन्य लक्षण भी देश में सामने आए हैं। इनमें डायरिया, खुजली, सिर या पेट में दर्द, आंख में लालपन होना, गला चोक होना, हाथ-पैर की अंगुलियों में सूजन और झुनझुनाहट जैसे लक्षण प्रमुख हैं।

जिले में संक्रमण की चपेट में आने के बाद मरीजों को रेफरल संबंधित समस्या के समाधान के लिए मरीजों के रेफरल के लिए स्लिप के माध्यम से रेफर किया जाएगा। -डा. रंजन गौतम, जिला सर्विलांस अधिकारी

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