बरेली: हजारों की भीड़ ने नरसिंहानंद पर कार्रवाई को उठाई आवाज
बरेली, अमृत विचार। पैगंबर मोहम्मद साहब पर अभद्र टिप्पणी करने वाले गाजियाबाद के महंत नरसिंहानंद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर बरेली के मुस्लिम समुदाय के लोगों में शुक्रवार को जबर्दस्त आक्रोश दिखा। कोरोना काल और धारा 144 लागू होने के बावजूद जुमे की नमाज के बाद हजारों की संख्या में लोग इस्लामियां …
बरेली, अमृत विचार। पैगंबर मोहम्मद साहब पर अभद्र टिप्पणी करने वाले गाजियाबाद के महंत नरसिंहानंद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर बरेली के मुस्लिम समुदाय के लोगों में शुक्रवार को जबर्दस्त आक्रोश दिखा। कोरोना काल और धारा 144 लागू होने के बावजूद जुमे की नमाज के बाद हजारों की संख्या में लोग इस्लामियां मैदान में एकत्र हुए और नरसिंहानंद के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों ने सैलानी, कोहाड़ापीर, बिहारीपुर, शहदाना चौक समेत अन्य क्षेत्रों में दुकानें बंद रखीं।
दरगाह आला हजरत के संगठन जमात रजा मुस्तफा के आह्वान पर मुस्लिमों ने इस्लामियां मैदान से महंत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हाथों में तख्तियां और कई लोग पुतले लेकर भी पहुंचे। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण मंच पर पहुंचे और महंत नरसिंहानंद के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। भीड़ को संबोधित करते हुए एसएसपी ने आश्वस्त किया कि आपकी मांग पर कानूनन कड़ी कार्रवाई की जाएगी क्योंकि अभी पंचायत चुनाव हैं और कोविड संक्रमण का खतरा बना हुआ है। इसलिए शासन की गाइडलाइन का पालन करें। जिसके बाद लोग अपने मैदान से घरों की ओर चले गए।
फरमान मियां ने बताया कि शहरभर की मस्जिदों में जुम्मे की नमाज 1 बजे अदा की गई। सुबह से शाम 4 बजे तक मुस्लिम बाजार बंद रहे। जमात से जुड़े हाफिज इकराम रजा खां ने बताया कि नरसिंहानंद और वसीम रिजवी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। जमात के प्रवक्ता समरान खान ने बताया कि असजद मियां ने दरगाह ताजुश्शरिया पर 1 बजे जुमे की नमाज अदा कराई। उसके बाद सभी लोग नारेबाजी करते हुए इस्लामियां मैदान पहुंचे।
फैजाबाद शहर के काजी अब्दुल मुस्तफा रोदोल्वी, मुफ्ती अफजाल रजवी और मुफ्ती शहेजाद ने तकरीर के मध्यम से कहा कि पैगंबर ए इस्लाम के लिये मुसलमान की जान व माल सब कुछ कुर्बान है। विरोध-प्रदर्शन में दरगाह ताजुश्शरिया के सज्जादानशीन मुफ्ती असजद रजा खां भी पहुंचे और उनकी मौजूदगी में जमात के उपाध्यक्ष सलमान हसन खां, मुफ्ती अफजाल, समरान खान, उलमा व अन्य कार्यकर्ताओं ने एसएसपी रोहित सिंह सजवाण को ज्ञापन सौंपा। भीड़ को देखते हुए अपर जिलाधिकारी नगर महेंद्र कुमार, एसपी सिटी रवींद्र कुमार, नगर मजिस्ट्रेट मदन कुमार पहले ही पहुंच गए थे। मैदान और उसके आसपास कई थानों का फोर्स व पीएसी तैनात रही।
हिंदू-मुस्लिमों के बीच दुश्मनी पैदा करने की कोशिश: सलमान मियां
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में जमात के उपाध्यक्ष सलमान हसन खां ने कहा कि लगातार मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत की जा रही हैं। जानबूझकर हिंदू-मुस्लिमों के बीच दुश्मनी पैदा की जा रही है। पहले शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कुरान के संबंध में टिप्पणी की और अब नरसिंहानंद ने पैगंबर-ए-इस्लाम के लिए गलत बयानी की है। इन दोनों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। भारतीय संविधान के मुताबिक सभी नागरिक समान हैं।
संक्रमण नियंत्रण को लागू निषेधाज्ञा का खुला उल्लंघन
फैलते कोरोना संक्रमण की रोकथाम और पंचायत चुनाव को देखते हुए जिले में धारा 144 लागू है। पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर कार्रवाई के निर्देश हैं। इसके बावजूद बगैर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए जुमे की नमाज के बाद हजारों लोग बिना अनुमति विरोध करने के लिए इस्लामियां मैदान पर जमा हो गए। पुलिस प्रशासन के सामने निषेधाज्ञा का खुला उल्लंघन होता रहा और अधिकारी शांत खड़े रहे। भीड़ के एकत्र होने को लेकर एलआईयू और इंटेलीजेंस की विफलता भी रही।
डीएम और एसएसपी को यही बताया गया कि एक, दो हजार लोग ही विरोध करेंगे लेकिन मैदान में हजारों की भीड़ पहुंच गई। दरगाह आला हजरत से जुड़े संगठन जमात रजा ए मुस्तफा ने बुधवार को एलान किया था जिसमें कहा गया था कि जुमे की नमाज के बाद इस्लामियां मैदान पर जमा होकर नरसिंहानंद के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। इसलिए 1 बजे के बाद भीड़ इस्लामियां मैदान पहुंचने लगी थी। हालात यह हो गए थे कि इस्लामियां के आस-पास की गलियां जाम हो गईं। मैदान में लोग एक दूसरे से बिल्कुल सटकर खड़े हुए थे। कोरोना से लड़ाई के लिए अहम बताई जा रही सामाजिक दूरी की धज्जियां खुलेआम उड़ती रहीं।
सपा नेता भी इस्लामियां पहुंचे
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मयंक शुक्ला मोंटी, महानगर उपाध्यक्ष शमीम अहमद, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष कमल साहू, महानगर सचिव कलीमुद्दीन, अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष असलम धनतिया, महानगर अध्यक्ष सनी मिर्जा आदि पार्टी नेताओं ने भी इस्लामियां मैदान पहुंचकर कड़ी सजा दिलाने की मांग की।
भीड़ में नारेबाजी करते हुए बेहोश हुआ युवक
गाजियाबाद के महंत नरसिंहानंद सरस्वती और शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी के खिलाफ चिलचिलाती धूप में उमड़े जनसैलाब में से एक युवक गश खाकर गिर पड़ा। जिसके बाद आसपास के लोगों ने उसे पानी पिलाकर किसी तरह संभाला। वहीं भीड़ में बड़ी संख्या में लोगों के मोबाइल भी गुम हो गए।

भीड़ सड़क पर पहुंची तो कई घंटे जाम से जूझा शहर
हजारों लोगों के इस्लामियां मैदान पहुंचने औा वहां से घरों को जाने की जल्दबाजी से कई घंटे तक शहर की सड़कों पर जाम लगा रहा। हजारों की भीड़ के आगे ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त रही। कुतुबखाना से लेकर कोहाड़ापीर तक जाम लगा रहा। कोतवाली चौराहा, चौपुला और पटेल चौक तक जाम के हालात बने रहे।
इस्लामियां मैदान से शाम 4 बजे हजारों की भीड़ बाहर आई, तब हालात बेहद खराब हो गए। नॉवल्टी से लेकर शहामतगंज तक वाहनों की कतार लग गईं। किला पुल से लेकर चौपुला चौराहे तक इसका असर पड़ा। चौतरफा जाम लग जाने के कारण हजारों राहगीर परेशानी हो गए। शहर जाम की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के होश उड़े रहे। आनन-फानन में टीमों को जाम प्वाइंट्स पर भेजकर यातायात सामान्य कराया गया।
नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ मुस्लिमों के जुलूस से जंक्शन पर अलर्ट
नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ मुस्लिमों के जूलूस को लेकर शुक्रवार को पूरे दिन जंक्शन पर भी अलर्ट रहा। सूचना थी कि यह लोग जूलूस निकालते हुए जंक्शन पर भी पहुंच सकते हैं। सूचना मिलते ही आरपीएफ व जीआरपी ने संयुक्त मीटिंग कर सभी जवानों को तैनात कर दिया। कहा कि यदि जंक्शन पर कोई भी हलचल हुई तो मोर्चा संभालने के लिए तैयार रहें। हालांकि ऐसा कोई मामला नहीं हुआ तो आरपीएफ-जीआरपी ने चैन की सांस ली।
