मुरादाबाद: नहीं रहा बड़ा बेटा, परिवार को सता रहा बहू का सूनापन
मुरादाबाद। आईटी इंजीनियर जोगेंद्र सिंह के परिजन इंसाफ की लड़ाई लड़ेंगे। इसके लिए परिवार के सदस्य विचार-विमर्श करेंगे। सोमवार को बेटे को गंवाने वाले परिजनों ने धार्मिक अनुष्ठान के बाद चुप्पी साध ली। परिजनों का कहना है कि नौकरी देने वाली कंपनी के खिलाफ न्यायिक लड़ाई लड़ी जाएगी। उनका कहना है कि दो बेटों में …
मुरादाबाद। आईटी इंजीनियर जोगेंद्र सिंह के परिजन इंसाफ की लड़ाई लड़ेंगे। इसके लिए परिवार के सदस्य विचार-विमर्श करेंगे। सोमवार को बेटे को गंवाने वाले परिजनों ने धार्मिक अनुष्ठान के बाद चुप्पी साध ली।
परिजनों का कहना है कि नौकरी देने वाली कंपनी के खिलाफ न्यायिक लड़ाई लड़ी जाएगी। उनका कहना है कि दो बेटों में से एक अब इस दुनिया में नहीं रहा। छोटे बेटे की एक बेटी है, जबकि बड़ी बहू की कोई संतान नहीं है। अब तो उसके सूनेपन की चिंता सता रही है। श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में तैनात जोगेंद्र सिंह की मौत के कारणों को लेकर परिवार में कोहराम है।
6 माह पहले जोगेंद्र भारत के 4 सदस्यीय टीम का हिस्सा बनकर श्रीलंका गए थे। जहां से हाल ही में उनके निधन की खबर आई थी। शव के अंतिम संस्कार के बाद घरवाले अत्यधिक गुस्से में हैं। बहू की कोई संतान नहीं, छिन गईं खुशियां परिजनों का कहना है कि फरवरी 2012 में प्रभा देवी के साथ जोगेंद्र की शादी हुई थी। बहू प्रभा की गोद भी नहीं भरी है। इसे लेकर घर वालों में चिंता है। परिवार में इंजीनियर के पिता, दादा-भाई और मां की खुशियां छिन गईं हैं। भाई योगेश शादीशुदा हैं। उनकी एक बेटी है, जबकि प्रभा को कोई संतान नहीं है।
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पीएम में फांसी की पुष्टि पर श्रीलंका ने छिपाया
योगेंद्र के बहनोई सतीश कुमार का कहना है कि अभी हम लोग घटना की सत्यता को लेकर ऊहापोह में हैं। श्रीलंका सरकार द्वारा मौत में किसी इंजरी की जानकारी नहीं दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लटकने से मौत होना बताया गया है। घटना के वास्तविक दिन को लेकर भी कोई बात समझ में नहीं आ रही है। परिवार के सदस्य और रिश्तेदार असमंजस में हैं। 4 अप्रैल को इंजीनियर बेटे के निधन की सूचना मिली। ऐसे में हम लोग इत्मीनान से सोच-विचार के बाद इस प्रकरण में निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे।
कंपनी के बातों में विरोधाभाष
परिजनों ने बताया कि कंपनी की बातों में विरोधाभाष है। ऐसे में हड़बड़ी में हम कोई कदम नहीं उठाएंगे। जोगेंद्र की बीवी को इंसाफ मिले, जिसके लिए हम सतर्कता के साथ विचार कर कदम उठाएंगे। इंजीनियर की मौत के कारणों से परिवार का कोई भी सदस्य सहमत नहीं है। इसलिए धार्मिक जिम्मेदारी निभाने के बाद हम न्याय के लिए कानूनी लड़ाई की ओर आगे बढ़ेंगे।
-आशुतोष मिश्र
