बरेली: विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह गुरुवार को, हुई रिहर्सल
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय का 18वां दीक्षांत समारोह गुरुवार को है। बुधवार को दोपहर 3 बजे दीक्षांत समारोह का एमबीए हाल में रिहर्सल किया गया। इसमें ऑफलाइन और ऑनलाइन व्यवस्थाओं के अलावा शोभायात्रा, वंदेमातरम, दीप प्रज्जवलित और मेडल प्रदान करने का भी रिहसर्ल किया गया। कुलपति प्रो. केपी सिंह के समक्ष पूरे समारोह …
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय का 18वां दीक्षांत समारोह गुरुवार को है। बुधवार को दोपहर 3 बजे दीक्षांत समारोह का एमबीए हाल में रिहर्सल किया गया। इसमें ऑफलाइन और ऑनलाइन व्यवस्थाओं के अलावा शोभायात्रा, वंदेमातरम, दीप प्रज्जवलित और मेडल प्रदान करने का भी रिहसर्ल किया गया।
कुलपति प्रो. केपी सिंह के समक्ष पूरे समारोह के आयोजन का विधिवत रुपरेखा प्रस्तुत की गई। दीक्षांत समारोह गुरुवार सुबह 10 बजे से शुरू होगा। पूरा कार्यक्रम 118 मिनट का निर्धारित किया गया है।
दीक्षांत समारोह के लिए एमबीए हाल में कोरोना गाइड लाइंस का पालन कराने के लिए विभाग के ही दो हाल व तीन कक्ष तैयार किए गए। इनमें छात्रों, परिजनों व अन्य को बैठाया जाएगा। यहां पर स्क्रीन भी लगायी गई हैं, जिसका मुख्य हाल में आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया जाएगा। गूगल मीट के जरिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा अन्य ऑनलाइन जुड़ेंगे।
सभी लिंक विश्वविद्यालय की वेबसाइट व स्टूडेंट्स के व्हाट्सएप ग्रुप पर भेज दिए गए हैं। कार्यक्रम का लाइव फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर भी किया जाएगा। विश्वविद्यालय के छात्र व कर्मचारी इसके जरिए समारोह देख सकेंगे। रिहर्सल के दौरान सबसे पहले हाल में बैठने, ऑनलाइन व ऑफलाइन की व्यवस्था देखी गई। कुलपति ने स्वयं सभी व्यवस्थाओं को चेक किया।
सभी कार्यक्रम करके देखे गए
कुलसचिव की अगुवाई में विद्या परिषद व कार्य परिषद के सदस्यों, संकायाध्यक्ष व अन्य की मौजूदगी में शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद शोभायात्रा में सभी कार्यपरिषद, विद्या परिषद एवं संकायाध्यक्ष ने अपना प्रतिभाग किया। शोभा यात्रा के बाद वंदे मातरम गीत गाया गया। उसके बाद कुलपति ने दीप प्रज्जवलित किया। उसके बाद मेडल बांटने, दीक्षा देने व अन्य का भी रिहर्सल किया गया। रिहर्सल के दौरान डिस्पले व लाइव में कुछ कमियां थीं, जिन्हें बाद में दूर किया गया।
रिहर्सल के दौरान कुलसचिव डा. सुनीता पांडेय, प्रो. पीबी सिंह, परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार, डा. श्याम विहारी, प्रो. आलोक श्रीवास्तव, प्रो. संजय गर्ग, प्रो. एसके पांडेय, प्रो. एसएस बेदी, प्रो. आशा चौबे, जेएन मौर्या, डा. अमित सिंह, डा. अनुराग मोहन, आनंद मौर्या, सुनीता यादव, मयंक अग्रवाल, अनिल सिंह, रविंद्र गौतम, सुधांशु, तपन मौजूद रहे।
