बरेली: ऑनलाइन पढ़ाई का रिकॉर्ड देना बड़ी चुनौती

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। कोरोना की वजह भौतिक कक्षाओं पर रोक लगा दी गई है। सिर्फ ऑनलाइन कक्षाएं ही संचालित हो सकती हैं। बरेली कॉलेज जैसे बड़े महाविद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करना तो बड़ी चुनौती है ही, साथ ही इसका रिकार्ड तैयार करना भी मुश्किल होगा, क्योंकि इस बार विश्वविद्यालय ने प्रत्येक शिक्षक द्वारा ऑनलाइन …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना की वजह भौतिक कक्षाओं पर रोक लगा दी गई है। सिर्फ ऑनलाइन कक्षाएं ही संचालित हो सकती हैं। बरेली कॉलेज जैसे बड़े महाविद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करना तो बड़ी चुनौती है ही, साथ ही इसका रिकार्ड तैयार करना भी मुश्किल होगा, क्योंकि इस बार विश्वविद्यालय ने प्रत्येक शिक्षक द्वारा ऑनलाइन क्लास का रिकार्ड मांग लिया है।

बरेली कॉलेज में 14 हजार से अधिक छात्र पढ़ते हैं, जबकि कॉलेज के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर सिर्फ 243 सब्सक्राइबर हैं और 24 वीडियो अपलोड हैं। यह वीडियो 6 महीने से एक साल पुराने हैं।

बीते वर्ष कोरोना फैला था, तो उस वक्त भी ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश थे। ऑनलाइन कक्षाओं को व्हाट्सएप ग्रुप के अलावा यू ट्यूब चैनल व अन्य ऑनलाइन माध्यम से छात्रों को जोड़कर संचालित किया जा सकता है। कॉलेज के शिक्षकों के पास कुछ ही छात्रों के मोबाइल नंबर हैं, इसके अलावा उनके पास कोई रिकार्ड नहीं है, क्योंकि अधिकांश छात्र ऑफलाइन के दौरान भी पढ़ने नहीं आते हैं। ऐसे में सभी छात्रों को ऑनलाइन जोड़ना काफी मुश्किल है।

बरेली कॉलेज के प्राचार्य डा. अुराग मोहन ने सभी विभागध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वह यूट्यूब चैनल बनाकर उसमें लेक्चर अपलोड करें ताकि छात्र उसे देखकर पढ़ सकें। विश्वविद्यालय के निर्देशों के तहत शिक्षक को रोजाना ऑनलाइन क्लास लेने का रिकार्ड तैयार करना होगा और इसे सप्ताह में विभागाध्यक्ष व प्राचार्य को देना होगा। विश्वविद्यालय कभी भी रिकार्ड चेक कर सकता है।

ऐसा इसलिए भी किया गया है, क्योंकि पिछली बार अधिकांश शिक्षक ऑफलाइन कक्षाएं बंद होने के बाद छुट्टी मनाने भी चले गए थे। यही वजह है कि इस बार मुख्यालय छोड़ने पर भी शिक्षकों को अनुमति लेनी होगी।

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