बरेली: कोरोना की बढ़ती रफ्तार के पीछे प्रजनन दर सबसे बड़ा कारण
बरेली, अमृत विचार। कोरोना के मामलों में एकाएक उछाल आया है। बरेली जिला सबसे अधिक संक्रमित 10 जिलों की सूची में पहुंच चुका है। शनिवार को रिकार्ड 838 संक्रमितों की संख्या निकलने से स्वासथ्य विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ गई है। विशेषज्ञ बढ़ते मामलों के पीछे का प्रमुख कारण वायरस की प्रजनन क्षमता (रिप्रोडक्टिव …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना के मामलों में एकाएक उछाल आया है। बरेली जिला सबसे अधिक संक्रमित 10 जिलों की सूची में पहुंच चुका है। शनिवार को रिकार्ड 838 संक्रमितों की संख्या निकलने से स्वासथ्य विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ गई है। विशेषज्ञ बढ़ते मामलों के पीछे का प्रमुख कारण वायरस की प्रजनन क्षमता (रिप्रोडक्टिव वैल्यू या आर वैल्यू) में हुई वृद्धि को बता रहे हैं। वायरस की प्रजनन क्षमता राष्ट्रीय स्तर पर जहां 1.32 है, वहीं प्रदेश में यह 2.14 पर पहुंच चुकी है।
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा.अतुल अग्रवाल का कहना है कि चेन्नई में गणितीय विज्ञान संस्थान के अध्ययन के अनुसार आर वैल्यू का राष्ट्रीय औसत या प्रजनन संख्या (कोविड-19 संचरण के मापदंडों में से एक) 1.32 है, जो दर्शाता है कि एक संक्रमित व्यक्ति एक से अधिक लेकिन दो से कम लोगों में वायरस फैलाता है।
अध्ययन के मुताबिक आर वैल्यू प्रजनन संख्या दर्शा रहा है कि उत्तर प्रदेश, झारखण्ड और बिहार में महामारी तेजी से बढ़ रही है। पिछले दो हफ़्तों के नए मामलों पर नजर रखने के बाद उत्तर प्रदेश के लिए प्रभावी प्रजनन संख्या का अनुमान 2.14, झारखण्ड का 2.13 और बिहार का 2.09 है । इसका मतलब है कि एक संक्रमित व्यक्ति इन राज्यों में दो से अधिक लोगों को संक्रमित कर रहा है । अध्ययन के मुताबिक गत सितंबर में यह एक के नीचे पहुंच गया था।
एक संक्रमित किस प्रकार फैला सकता है वायरस इन फोटो के माध्यम से समझें

एक संक्रमित व्यक्ति से 936 हो सकते हैं संक्रमित
उन्होंने बताया कि एक संक्रमित व्यक्ति ढाई लोगों को संक्रमित करता है। वह ढाई व्यक्ति अगले ढाई ढाई लोगों को संक्रमित करेंगे। इस प्रकार पांच चक्र पूरा हो जाने पर जो संख्या निकलकर आती है वह वाकई चौंकाने वाली बात है। इस हिसाब से एक संक्रमित व्यक्ति से 936 लोग संक्रमित हो सकते हैं। अब यह कितनी देर में हो सकते हैं इसके बारें में कुछ कहा नहीं जा सकता है। एक घंटा भी लग सकता है 12 घंटे भी लग सकते हैं। यह इस पर निर्भर है कि हम इस बीमारी के प्रति लोग कितने जागरूक हैं।

लापरवाही के नतीजे आ रहे सामने
एसीएमओ व स्वास्थ्य नगर अधिकारी डा.अशोक कुमार बताते हैं कि कोरोना के मामलों में कमी आने के बाद लोगों ने लापरवाही बरतनी शुरू कर दी थी, जिसके कारण कोरोना को पांव पसारने का मौका मिल गया । कोरोना वायरस ने जब अपना विस्तार कर लिया है तो हमें भी अब पहले से अधिक सतर्कता बरतनी है और सावधान रहना है। जब तक सभी का सहयोग नहीं मिलेगा, तब तक कोरोना से मुक्ति संभव नहीं। इसलिए कोशिश होनी चाहिए कि बिना काम के बाहर न निकलें और बहुत जरूरी हो तो मास्क से अच्छी तरह से नाक और मुंह को ढांपकर ही निकलें।
भीड-भाड़ में जाने से बचें और जिससे भी मिलें उससे दो गज की दूरी बनाकर रखें। बेवजह किसी वस्तु को हाथ लगाने से बचें और किसी वस्तु के संपर्क में आते हैं तो हाथों को साबुन-पानी या सैनेटाइजर से अच्छी तरह से साफ़-सुथरा कर लें । यह नियम हर किसी को अपने साथ ही घर-परिवार और समुदाय को सुरक्षित करने के लिए आने वाले कुछ दिनों के लिए बहुत ही जरूरी हो गया है ।
