बरेली: कोरोना काल में एक नीबू की कीमत 7 रुपये
बरेली, अमृत विचार। कोरोना से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोग कई दवाइयां खा रहे हैं तो कई लोग सब्जी व फलों का सेवन कर इम्युनिटी बढ़ा रहे हैं। विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत कहे जाने वाले नीबू की भी मांग काफी बढ़ गई है। यही वजह है कि गर्मी …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोग कई दवाइयां खा रहे हैं तो कई लोग सब्जी व फलों का सेवन कर इम्युनिटी बढ़ा रहे हैं। विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत कहे जाने वाले नीबू की भी मांग काफी बढ़ गई है। यही वजह है कि गर्मी में नींबू पानी, सोडा, जलजीरा के साथ ताजगी का अहसास कराने वाले नींबू के दाम आसमान छूने लगे हैं। एक नीबू की कीमत सुनकर लोगों का स्वाद ज्यादा ही खट्टा हो जा रहा है। जहां थोक में एक नीबू की कीमत पांच रुपये तो फुटकर में इसे सात रुपयये तक बेचा जा रहा है। दुकानदारों ने भी लोगों की जरुरत और मजबूरी का फायदा उठाना शुरू कर दिया है।
नीबू कारोबारियों के मुताबिक कम उत्पाद और मांग अधिक होने के कारण इसकी कीमतों में बेहिसाब बढ़ोतरी हुई है। गर्मियों में नींबू का इस्तेमाल करने के लिए डॉक्टर भी सलाह देते हैं। कोरोना काल में तो इसका महत्व विटामिन टी का सोर्स होने की वजह से और भी बढ़ गया है।
चिकित्सक बताते हैं नींबू में वह प्राकृतिक शक्ति है, जो शरीर से विभिन्न प्रकार के विषैले तत्वों को नष्ट कर देती है। वहीं, कोरेाना वायरस संक्रमण से बचने में नीबू रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में वरदान साबित हो रहा है। इसलिए नीबू का उपयोग घर-घर बढ़ गया है। इसलिए डिमांड और कीमत दोनों एक साथ बढ़ गए हैं। मंगलवार को थोक मंडी में ही नीबू 550 रुपये सैकड़ा तक बिका। इस पर फुटकर विक्रेताओं ने प्रति पीस दो से तीन रुपये मुनाफा रख ग्राहकों को बेचा।
दक्षिण भारत से आ रहा है नीबू
बहुत से रोजेदार सिर्फ नीबू का शर्बत पीना पसंद करते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भी लोग इसका सेवन कर रहे हैं। डेलापीर मंडी में फिलहाल दक्षिण भारत से नीबू की आपूर्ति हो रही है। आसपास के इलाकों में नीबू का उत्पादन होने तक यही कीमत बनी रहेगी। नीबू के थोक विक्रेता आजाद ने बताया गर्मी में नीबू ने ताजगी तो दूर जेब का हाल ही बिगाड़ कर रख दिया है। पहले 10 रुपये में पांच नीबू मिला करते थे अब एक नीबू सात रुपये में मिल रहा है है वह भी बहुत छोटा।
इसिलए भी बड़े काम का है नीबू
विटामिन सी की सबसे ज्यादा मात्रा नींबू में मिलती है। नींबू से मिलने वाली विटामिन सी टैबलेट रूप में खाने वाली विटामिन सी के मुकाबले शरीर में बनने वाली विटामिन के साथ मिलकर लंबे समय तक शरीर में रहती है। कोरोना फेफड़े पर प्रभाव डालता है, विटामिन सी फेफड़े के प्रभावित स्थान पर तेजी से पहुंचकर बीमारी से मुकाबला करती है। इसे देखते हुए विटामिन सी का इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद होता है।
कोरोना काल में नीबू की मांग बढ़ी है। यह सही है। लेकिन, इस बार नीबू की पैदावार भी काफी कम हुई हैं। डिमांड के हिसाब से थोक मंडी में नीबू की आवक कम हैं। इसलिए कीमत में उछाल आया है। -शुजाउर रहमान, अध्यक्ष सब्जी-फल विक्रेता एसोसिएशन
एक नजर……
- थोक मंडी में प्रति पीस नीबू–05 रुपए
- फुटकर मार्केट में प्रति पीस नीबू-7 से 8 रुपए
- दो नीबू की कीमत- 15 रुपये
