बरेली: बारिश और तेज हवाओं से बदला मौसम का मिजाज, गर्मी से राहत

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली,अमृत विचार। पश्चिमी विक्षोभ का दबाव इतना बढ़ गया कि बुधवार को फिर देर शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आंधी और तेज हवा चली। बाजार में कई जगह होर्डिंग गिर गए। वहीं, बारिश से पिछले कुछ दिनों से लगातार गर्मी झेल रहे लोगों ने राहत महसूस की। शहर समेत जिले के कई स्थानों …

बरेली,अमृत विचार। पश्चिमी विक्षोभ का दबाव इतना बढ़ गया कि बुधवार को फिर देर शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आंधी और तेज हवा चली। बाजार में कई जगह होर्डिंग गिर गए। वहीं, बारिश से पिछले कुछ दिनों से लगातार गर्मी झेल रहे लोगों ने राहत महसूस की।

शहर समेत जिले के कई स्थानों पर बारिश से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में गेहूं कटाई के बाद रखा भूसा उड़ गया। आम की फसल की बोर गिरने की आंशका भी जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में बदलाव पश्चिमी हवा के दबाव के साथ बने विक्षोभ की वजह से आया है।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश होते हुए मंगलवार आधी रात के बाद ही पहुंच गया। मंगलवार में तेज हवाएं चलीं। बुधवार को देर शाम को आकाश में बादल छाए रहे। तापमान में भी गिरावट आ गई। करीब 18 किलोमीटर की रफ्तार से चली पछुआ हवाओं ने मौसम को और सुहाना बना दिया। मौसम विशेषज्ञ एचएस कुशवाहा ने बताया पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपरी हिस्से से पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के दौरान बरेली और आसपास के क्षेत्र का मौसम बदल दिया।

इधर, अचानक तेज हवा के साथ बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कारण यह कि इन दिनों गेहूं कटाई का कार्य चल रहा है। किसानों ने गेहूं काटकर खेतों में रख छोड़ा है। अधिकांश किसानों ने थ्रेसिंग कराई है और भूसा भी खेतों में पड़ा है। कृषि विशेषज्ञ कुलदीप विश्नोई बताते हैं आंधी और बारिश किसानों के लिए मुसीबत साबित होगी। आंधी से खेतों में पड़ा भूसा उड़ने के अलावा आम की बौर गिरने की आंशका है। बारिश से गेहूं कटाई प्रभावित होने के साथ ही उसका दाना काला पड़ सकता है। आम की बोर गिरने से फसल उत्पादन पर प्रभाव पड़ना भी स्वभाविक है। मौमस विभाग ने गुरुवार को भी हल्की बारिश की संभावना जताई है।

तेज हवा और पानी से शहर की बिजली हुई गुल
शहर में मंगलवार और बुधवार को तेज हवा से बिजली व्यव्स्था पूरी तरह से चरमरा गई। जिसके चलते आधे शहर की बिजली गुल होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली न आने के कारण सुबह के समय पानी की सप्लाई भी नहीं हो सकी, जिससे कई इलाकों में दिनभर पानी की किल्लत बनी रही। तेज हवा के कारण पेड़ों की टहनियां बिजली लाइन पर गिरने से फाल्ट होने आपूर्ति बाधित हो गई। जिसमें शहर के नकटिया, सेटेलाइट, कुतुबखाना, सुभाषनगर, मिनी बाईपास, किला, सीबीगंज, हरूनगला, करगैना, बड़ा बाजार, चौपुला समेत कई इलाकों में बिजली गुल होने से अंधेरा हो गया।

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