अयोध्या: कोरोना से कृषि विवि के फार्म अधीक्षक और एक छात्र का निधन

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अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज के फार्म अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह व छात्र विकास पटेल का वैश्विक महामारी कोविड-19 से संक्रमित होने के कारण बुधवार को निधन हो गया। डॉ. भानु प्रताप सिंह, मऊ अतवारा, रानीगंज ,अमेठी के निवासी थे। इनके पिता राजेंद्र बहादुर सिंह विश्वविद्यालय में वरिष्ठ सहायक के …

अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज के फार्म अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह व छात्र विकास पटेल का वैश्विक महामारी कोविड-19 से संक्रमित होने के कारण बुधवार को निधन हो गया। डॉ. भानु प्रताप सिंह, मऊ अतवारा, रानीगंज ,अमेठी के निवासी थे। इनके पिता राजेंद्र बहादुर सिंह विश्वविद्यालय में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत रहते हुए सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

डॉ. भानु का बचपन एवं शिक्षा दीक्षा इसी कृषि विश्वविद्यालय से हुआ था। डॉ. सिंह वर्तमान में कृषि विज्ञान केंद्र हैदरगढ़, बाराबंकी में फार्म अधीक्षक के पद पर कार्यरत थें। जिनका पिछले कुछ दिनों से लखनऊ के चिकित्सालय में इलाज चल रहा था। छात्र विकास पटेल एमएससी (प्लांट पैथोलॉजी ) जनपद वाराणसी का भी करोना से अपने मूल जनपद वाराणसी में निधन हो गया।

विश्वविद्यालय द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग कोविड-19 का पालन करते हुए शोक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें 2 मिनट का मौन धारण कर मृतक आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने डॉ. भानु प्रताप सिंह एवं छात्र विकास पटेल के आकस्मिक निधन पर दुःख प्रकट करते हुए कहा कि इस क्षति की भरपाई कर पाना संभव नहीं होगा। ईश्वर इस घड़ी में उनके परिवार को कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

कुलपति डॉ. सिंह ने कोविड-19 के प्रभाव को देखते हुए  वैश्विक महामारी के संक्रमण को रोकने तथा ऑनलाइन शैक्षिक गतिविधियों को चलाते रहने के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षकों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों तथा छात्र- छात्राओं से आह्वान किया कि वे इस विषम परिस्थितियों में अपने मनोबल एवं आत्मविश्वास को बनाए रखें, एवं सरकार द्वारा समय-समय पर कोविड-19 से निपटने के लिए जारी किये गये दिशा निर्देशों का पालन अवश्य करें।

विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर के कई वैज्ञानिक शिक्षक एवं कर्मचारी भी करोना से पीड़ित हैं जिनका इलाज चल रहा है। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेशक, शिक्षक, कर्मचारी एवं श्रमिक उपस्थित थे।

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