बरेली: कारोबारी परेशान, कोरोना निगल गया ठंडे का कारोबार
बरेली, अमृत विचार। कोरोना महामारी ने वैसे तो हर व्यापार को चौपट किया है लेकिन इन सबके बीच कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम का बाजार भी ठंडा हो गया है। हर वर्ष 150 करोड़ रुपये का कारोबार जिले में होता था, जो घटकर 50 फीसदी भी नहीं रह गया है। कारोबारियों के मुताबिक मार्च से कारोबार …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना महामारी ने वैसे तो हर व्यापार को चौपट किया है लेकिन इन सबके बीच कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम का बाजार भी ठंडा हो गया है। हर वर्ष 150 करोड़ रुपये का कारोबार जिले में होता था, जो घटकर 50 फीसदी भी नहीं रह गया है। कारोबारियों के मुताबिक मार्च से कारोबार की अच्छी शुरूआत होती थी। इसके बाद अक्टूबर और नवंबर माह तक खूब बिक्री होती थी। मगर अब तापमान भी चढ़ रहा है और अप्रैल माह आधा बीत चुका है। इसके बाद भी आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स कारोबार ने रफ्तार नहीं पकड़ी है।
जनपद में विभिन्न कोल्ड्र ड्रिंक कंपनियों के 50 डिस्ट्रीब्यूटर हैं। इनमें से शहर में सर्वाधिक हैं। कोल्ड ड्रिंक कारोबार में मार्च से जून तक कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटरों के टारगेट भी पूरे हो जाते थे। इसके बाद कंपनियां माल सप्लाई के लिए वेटिंग देती थी। बीते वर्ष लॉकडाउन से पहले तक कोल्ड ड्रिंक का वर्ष में 70 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ।
अनलॉक में जब स्थिति सामान्य हुई तो एक बार फिर कारोबार बढ़ा, लेकिन अब दोबारा कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ ही कारोबार घटकर 40 फीसदी रह गया है। इसी तरह आइसक्रीम के कारोबार में गिरावट आई है। जिले में आइसक्रीम कंपनियों के 25 डिस्ट्रीब्यूटर हैं। साल में आइसक्रीम का कारोबार 50 करोड़ से अधिक होता था। कोरोना संक्रमण के डर से लोगों ने ठंडे पदार्थों से दूरी बनाई तो आइसक्रीम का कारोबार भी आधा ही रह गया। कोल्ड ड्रिंक की तरह आइसक्रीम का व्यापार भी घटकर आधा रह गया।
व्यापार कम होने की मुख्य वजह
- शादी समारोह और अन्य कार्यक्रम सूक्ष्म रूप से होने से इन उत्पादों की मांग घटी।
- संक्रमण के दौर में लोग ठंडे पदार्थ लेने से बच रहे हैं।
- इम्युनिटी बढ़ाने के लिए गर्म पानी में काढ़ा पीना अपनाया है।
- चिकित्सक भी बदलते मौसम और संक्रमण की वजह से ठंडे पेय से परहेज की दे रहे सलाह।
कोरोना काल से पहले जिले भर में कोल्ड ड्रिंक का अच्छा कारोबार होता था, लेकिन अब कारोबार घटकर 50 फीसदी भी नहीं रह गया है। पिछले साल की तरह इस बार भी कारोबार को तगड़ा झटका लगा है। कर्मचारियों की सैलरी समेत कई तरह के खर्चे जेब से पूरे करने पड़ रहे हैं। -अजय पटेल, डिस्ट्रीब्यूटर, कोल्ड ड्रिंक कंपनी
गर्मी बढ़ने और सहालग शुरू होने से कोराबार बेहतर होने की उम्मीद थी लेकिन कोरोना महामारी के चलते आइसक्रीम कारोबार में 50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। लोग आइसक्रीम खाने से बच रहे हैं और शादियों व समारोह के आर्डर भी लगभग खत्म हो चुके हैं। -नितिन कुमार गंगवार, आइसक्रीम कारोबारी।
