बरेली: लॉकडाउन में कम हुई घटनाएं, कोरोना के चलते घरों पर रह रहे लोग

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। शाम के लाकडाउन और दो दिन के पूर्ण लाकडाउन के चलते जिले में अपराध का आंकड़ा गिरने लगा है। लोगों के लगातार घरों में रहने के कारण चोरियां तो लगभग बंद ही हो गई है। वहीं छिनैती और लूट की वारदातों पर भी लगाम लगी है। इसके साथ ही दहेज अधिनियम और …

बरेली, अमृत विचार। शाम के लाकडाउन और दो दिन के पूर्ण लाकडाउन के चलते जिले में अपराध का आंकड़ा गिरने लगा है। लोगों के लगातार घरों में रहने के कारण चोरियां तो लगभग बंद ही हो गई है। वहीं छिनैती और लूट की वारदातों पर भी लगाम लगी है। इसके साथ ही दहेज अधिनियम और घरेलू हिंसा के मामले भी कम हुए है। सामान्य दिनों में रोज अलग-अलग थानों में दहेज अधिनियम, लूट, छिनैती, घरेलू हिंसा के साथ साथ छेड़खानी के मामले दर्ज किए जाते है। अब इनकी संख्या नाम मात्र ही रह गई है।

कोरोना संक्रमण के विकराल रूप ले लेने के बाद सरकार ने शाम का लाकडाउन लगा दिया है। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो शनिवार और रविवार को पूर्ण लाकडाउन कर दिया गया है। ऐसे में लोग अपने घरों में रहने को मजबूर है। ऐसे में अपराधियों को भी रेकी कर हाथ साफ करने का मौका नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही अब अधिकतर कॉलोनियों के साथ ही मोहल्लों में भी वहां रहने वाले लोगों ने फेरी करने वालों पर रोक लगा दी है। ऐसे में लूटपाट करने वाले फेरी के बहाने रेकी नहीं कर पा रहे है। इसके चलते गली मोहल्लो में चोरी, छिनैती और लूट की घटनाओं में कमी आई है।

कार्यालयों में पसरा सन्नाटा
कुछ दिनों पहले तक एडीजी-आइजी और एसएसपी ऑफिस में रोजाना लगभग 200-250 फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते थे। लेकिन अब इस संक्रमण काल में 8-10 लोग ही फरियाद लेकर पहुंच रहे है। वहीं बीते दिनों एसएसपी रोहित सिंह सजवाण, एसपीआरए राजकुमार अग्रवाल, एसपी ट्रैफिक राममोहन सिंह कोरोना पॉजिटिव आए थे।

शहर में घटनाएं कम हो गई है। कुछ मारपीट व पारिवारिक कलह के मामले जरूर सामने आ रहे है। इसके साथ ही चोरी की वारदातों की सूचना भी नहीं आ रही है। -रोहित सिंह सजवान, एसएसपी

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