बरेली: सुबह नहीं आई ऑक्सीजन, दिनभर मचा हा-हाकार

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। जनपद में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने से कोविड अस्पतालों की व्यवस्थाएं चरमरा रही हैं। ऑक्सीजन की खपत बढ़ रही है। इससे अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत शुरू होने लगी है। रविवार सुबह ऑक्सीजन नहीं मिलने की वजह से अस्पतालों में हाहाकार मच गया। एकाएक बरेली में ऑक्सीजन निल हो गई। शनिवार …

बरेली, अमृत विचार। जनपद में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने से कोविड अस्पतालों की व्यवस्थाएं चरमरा रही हैं। ऑक्सीजन की खपत बढ़ रही है। इससे अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत शुरू होने लगी है। रविवार सुबह ऑक्सीजन नहीं मिलने की वजह से अस्पतालों में हाहाकार मच गया। एकाएक बरेली में ऑक्सीजन निल हो गई। शनिवार को बरेली में सिर्फ पांच टन ऑक्सीजन बची थी। अधिकारियों को पूरा भरोसा था कि रविवार सुबह सप्लाई पहुंच जाएगी लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ जो पांच टन ऑक्सीजन थी। वह भी कोविड अस्पतालों में खर्च हो गई।

दोपहर तक ऑक्सीजन नहीं मिलने से हालात और भी खराब हो गए। पेड वाले कोविड अस्पतालों समेत कई अन्य निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन का बैकअप भी खत्म होने की स्थिति में पहुंच गया। इससे अस्पताल संचालकों में खलबली मच गई। उन्होंने मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका पर गंभीर मरीजों को रेफर करना शुरू कर दिया।

संक्रमितों के अलावा अन्य बीमारियों से गंभीर मरीजों के परिजनों से कहने लगे कि ऑक्सीजन खत्म हो गई है, इसलिए अपने मरीजों को कहीं और ले जाएं। इससे हालात और पैनिक हो गए। संक्रमितों के परिजनों में यह डर फैल गया कि कहीं लखनऊ और गोरखपुर जैसे हालात यहां न हो जाएं। हालांकि, शाम तक ऐसे हालात कहीं नहीं बने। शाम करीब 6 बजे 13.5 टन ऑक्सीजन बरेली पहुंच गई। इससे अधिकारियों ने बड़ी राहत की सांस ली।

ऑक्सीजन को कड़ी निगरानी में प्लांटों तक पहुंचाया गया। अनलोड कराकर ऑक्सीजन में तब्दील कराकर डिस्ट्रीब्यूटरों को सप्लाई की गई। कोविड अस्पतालों को भी देर रात ऑक्सीजन की सप्लाई पहुंच गई। ड्रग इंस्पेक्टर उर्मिला वर्मा ने बताया कि बरेली के लिए 25 टन की खपत है और मंडल के लिए 35 टन ऑक्सीजन की जरूरत है। इतनी मांग शासन को भेजी गई है।

इधर, संक्रमितों के परिजन जनप्रतिनिधियों के पास फोन कर रहे हैं कि ऑक्सीजन की किल्लत से हा-हाकार मचा है। निजी अस्पताल संचालक ऑक्सीजन न होने की बात कहते हुए गंभीर मरीजों को रेफर कर रहे हैं। नए मरीज भर्ती करने से साफ इंकार कर दिया है। संकट की घड़ी में ऑक्सीजन दिलाकर मरीजों की जान बचाने की मांग की है।

परसाखेड़ा प्लांट के बाहर गाड़ियां की लगी लाइन, सिलेंडर लेकर पहुंचे लोग
परसाखेड़ा स्थित ऑक्सीजन प्लांट पर रविवार सुबह से गाड़ियां खड़ी हो गईं। इसके अलावा होम आइसोलेशन वाले मरीजों के परिजन भी ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर पहुंच गए। दिनभर लोग प्लांट के मुख्य गेट पर ऑक्सीजन के इंतजार में खड़े रहे लेकिन सप्लाई नहीं पहुंचने से उन्हें बड़ी निराशा हाथ लगी। कई निजी हॉस्पिटल से लोग यह कहते पहुंचे कि हॉस्पिटल में ऑक्सीजन नहीं है। खाली सिलेंडर दिखकर ऑक्सीजन की मांग की।

परिजनों ने दुहाई दी कि डॉक्टर ने उन्हें स्लिप दी है, उनका मरीज अस्पताल में भर्ती है। गैस की जरूरत है लेकिन प्लांट में ही गैस खत्म हो गई। इस वजह से उन्हें परेशान होना पड़ा। लोगों ने प्रबंधक से बात करने के प्रयास किए लेकिन गैस प्लांट के कर्मचारी ने मिलने ही नहीं दिया। यहां नितिन खंडेलवाल का प्लांट है।

मुख्यमंत्री से राजेश अग्रवाल ने बरेली के लिए मांगी आक्सीजन
बरेली में आक्सीजन की किल्लत से जनप्रतिनिधि भी चिंतत हो गए हैं। कैंट के विधायक व पूर्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने सीएम योगी आदित्यनाथ से बरेली के लिए आक्सीजन की डिमांड की है। उन्होंने सीएम और बीजेपी को ट्वीट किए हैं। उन्होंने बरेली के मिलिट्री अस्पताल को दिल्ली की तर्ज पर जनता के लिए खोलने की भी मांग की है। इसके लिए उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, इंडियन एयरफोर्स और डीआरडीओ को भी ट्वीट किया है।

बता दें कि बरेली में आक्सीजन की किल्लत होने लगी है। लोगों की जान जा रही है और परिजन आक्सीजन की कमी से मौत होने का आरोप भी लगा रहे हैं। दिल्ली, लखनऊ जैसे हालात बन रहे हैं। यही वजह है कि हर तरफ आक्सीजन की मांग होने लगी है। पूर्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने ट्वीट किया कि आग्रह है कि बरेली कमिश्नरी को लखनऊ, गोरखपुर व अन्य कमिश्नरियों से कम न आंका जाए। बरेली को रोज कम से कम 25 से 30 टन आक्सीजन की आवश्यकता है। कृपया आपूर्ति हेतु तुरंत आदेशित करने का कष्ट करें।

डीआरडीओ व रक्षा मंत्री को किए गए ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि बरेली में मिलिट्री का बहुत बड़ा अस्पताल है। उसकी एक शाखा को दिल्ली की तरह जनता हेतु खोला जाए। बता दें कि मिलिट्री अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज की मांग बिथरी चैनपुर के विधायक पप्पू भरतौल भी कर चुके हैं। उन्होंने इसके लिए लिखित पत्र भी लिखा था।

संबंधित समाचार