मुरादाबाद : सोशल मीडिया पर ‘ऑक्सीजन’, पर भटक रहे लोग
मुरादाबाद, अमृत विचार। बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे लोगों की भावनाओं के साथ सोशल मीडिया पर जमकर खिलवाड़ किया जा रहा है। इन मैसेज से तो सोशल मीडिया पर आसानी से ऑक्सीजन उपलब्ध हो रही है लेकिन जब दिए गए नंबरों पर संपर्क किया जाता है तो पीड़ित …
मुरादाबाद, अमृत विचार। बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे लोगों की भावनाओं के साथ सोशल मीडिया पर जमकर खिलवाड़ किया जा रहा है। इन मैसेज से तो सोशल मीडिया पर आसानी से ऑक्सीजन उपलब्ध हो रही है लेकिन जब दिए गए नंबरों पर संपर्क किया जाता है तो पीड़ित खुद को ठगा सा महसूस करता है। कोई ऑक्सीजन खत्म होने की बात कहता है तो कोई सिक्योरिटी के तौर पर 10 से 15 हजार रुपए जमा कराने के लिए कहता है। कई नंबरों पर तो संपर्क ही नहीं हो पा रहा है। इस संकट के समय पर लोगों के साथ खिलवाड़ करने वाले अब पुलिस-प्रशासन की रडार पर आ गए हैं। फेक मैसेज वायरल करने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
कोरोना संक्रमण के कारण हालात काफी खराब होते जा रहा है। मुरादाबाद जिले में रोजाना सैकड़ों लोग कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं। मृत्युदर का आंकड़ा भी काफी बढ़ गया है। मोक्षधाम का आलम यह है कि अंतिम संस्कार के लिए परिजन 40 से 50 घंटे तक इंतजार कर रहे हैं। आंकड़े इतने भयावह है कि एक सप्ताह के अंदर करीब दो सौ शवों की अंत्योष्टि की जा चुकी है। पहली बार लोग शवों के अंतिम संस्कार के लिए नेताओं से लेकर अधिकारियों तक से फोन करवा रहे हैं। कोरोना से जूझ रहे लोगों की मुश्किलें आक्सीजन ने बढ़ा दी है। जिले में आक्सीजन के सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। इन सिलेंडरों की कालाबाजारी शुरू हो गई है, 20 से 25 हजार रुपए में एक सिलेंडर बिक रहा है। यह आलम तब है जब प्रशासन ने आक्सीजन के सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने को कंट्रोल रूम भी खोल दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले संदेशों ने बढ़ाई परेशानी
आक्सीजन के इस संकट से जूझ रहे लोगों को कुछ खुराफाती लोग सोशल मीडिया के जरिए ठगने व परेशान करने का प्रयास कर रहे हैं। जिले के तमाम फेसबुक और वाट्सएप ग्रुपों में विभिन्न संगठनों के लोग निशुल्क या नाम मात्र के शुल्क पर आक्सीजन सिलेंडर देने के दावे किए जा रहे हैं। इन संदेशों में किसी सामाजिक संगठन या संस्था का भी हवाला दिया जा रहा है। हर मैसेज पर संपर्क करने के लिए कई नंबर दिए जा रहे हैं। अब बात करें हकीकत की तो अधिकतर मैसेज गलत साबित हो रहे हैं। अगर पीड़ित इन नंबरों पर संपर्क करता है तो कोई पहले 10 से 15 हजार रुपए जमा कराने को कहता है। कोई आक्सीजन खत्म होने की बात कहकर फोन काट देता है। कई नंबरों पर तो संपर्क ही नहीं हो पाता। ऐसे में पीड़ित खुद को ठगा महसूस करता है। अब इस मामले में पुलिस अफसरों ने भी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
एएसपी अनिल कुमार यादव ने कहा कि संकट के इस दौर में अगर कोई भ्रामक मैसेज वायरल करके लोगों के साथ खिलवाड़ करता है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों का चिन्हीकरण किया जा रहा है।
