मीरजापुर: सोते समय मौत बनकर गिरी जर्जर छत, एक ही परिवार के पांच सदस्यों ने दम तोड़ा
मीरजापुर। नगर में शहर कोतवाली क्षेत्र के छोटी गुदरी में आधी रात को एक मकान गिर गया। जहां छत के मलबे में एक ही परिवार के 5 लोग पति-पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री दब गए। पुलिस ने मलबे में दबे लोगों के शव को बाहर निकाला। जिसमें पांचों लोगों की मौत हो चुकी थी। …
मीरजापुर। नगर में शहर कोतवाली क्षेत्र के छोटी गुदरी में आधी रात को एक मकान गिर गया। जहां छत के मलबे में एक ही परिवार के 5 लोग पति-पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री दब गए। पुलिस ने मलबे में दबे लोगों के शव को बाहर निकाला। जिसमें पांचों लोगों की मौत हो चुकी थी।
मौके पर पुलिस और फायर बिग्रेड के जवान राहत एवं बचाव कार्य में लगे रहे। जिलाधिकारी ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो दो लाख देने की बात कही है। परिवार की एक बेटी वाराणसी में पढ़ाई के लिए रहने के कारण इस हादसे से बच गई। जर्जर मकान आधी रात को करीब उस वक्त गिरा जब परिवार के लोग सो रहे थे। आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग बाहर निकले और पुलिस को सूचना दी। मौके पहुंची पुलिस रात भर बचाव कार्य में लगी रही।
बीती आधी रात के करीब 2.30 बजे छोटी गुदरी स्थित आशुतोष रंजन पुत्र शिवप्रसाद गुप्त के पुराने मकान की छत अचानक गिर गई। जिसमें किराये पर रह रहे एक ही परिवार के 5 लोग उमाशंकर पुत्र भगवती प्रसाद 50 वर्ष, गुडिया पत्नी उमा उशंकरम्र 48 वर्ष, शुभम 22 वर्ष, सौरभ 18 वर्ष तथा संध्या 20 वर्ष दब गए।
सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं। मौके पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी नगर, प्रभारी फायर स्टेशन, थाना प्रभारी कोतवाली शहर पुलिस बल के साथ मौजूद हैं। पांचों शव मिलने के बाद राहत एवं बचाव कार्य बंद कर दिया गया।
मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने हादसे को दु:खद बताया। कहा कि तीन पीढ़ी से यह लोग पुराने जर्जर मकान में किराए पर रह रहे थे। भवन जर्जर होने के कारण गिरा है। मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए दिए जाएंगे।
