बरेली: हाथ जोड़कर कर रहे विनती, पर नहीं मिल रहे बेड
बरेली, अमृत विचार। कोरोना से हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि परिजन अपने मरीज को बचाने के लिए डॉक्टरों से हाथ जोड़कर विनती कर रहे हैं लेकिन डॉक्टरों को न चाहते हुए भी अस्पताल में बेड न होने की बात कहकर मरीजों को भर्ती करने से मना करना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों के …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना से हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि परिजन अपने मरीज को बचाने के लिए डॉक्टरों से हाथ जोड़कर विनती कर रहे हैं लेकिन डॉक्टरों को न चाहते हुए भी अस्पताल में बेड न होने की बात कहकर मरीजों को भर्ती करने से मना करना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों के अलावा 300 कोविड बेड अस्पताल में भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि वह आखिर मरीज को भर्ती करें तो कहां। पूरे-पूरे अस्पताल भरे हुए हैं। एक भी बेड खाली नहीं है। हालात इतने भयावह होने के बाद भी लोग अब भी संभलने को तैयार नहीं हैं। बाजारों से बस अड्डों, सड़कों तमाम जगहों पर भीड़ लगी है। ऐसे में संक्रमण के और भी तेजी से फैलने का खतरा है।
इन हालात से निपटने के लिए डॉक्टरों की सिर्फ यही राय है कि लोगों को अब जरूरत है कि वह खुद को संक्रमित होने से बचाएं। इसलिए वह खुद को न तो भीड़ में ले जाएं। अधिक जरूरत पड़ने पर घरों से बाहर निकलें। हल्के से भी लक्षण दिखने पर खुद को एक बार डॉक्टर को जरूर दिखाएं जिससे सही समय पर इलाज शुरू किया जा सके।
डॉक्टरों की बातचीत
देखिए.. स्थिति तो भयावह है ही। मुझे लगता है कि अगले कुछ दिनों में हालात पर काबू हो सकता है। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि मरीजों को अधिक से अधिक भर्ती किया जाए। -डॉ. विनोद पागरानी, खुशलोक अस्पताल
इन दिनों सबसे ज्यादा समस्या अस्पतालों में ऑक्सीजन की चल रही है। लगातार ऑक्सीजन की मांग की जा रही है। इसके बाद भी हमारी कोशिश है कि मरीजों को सही समय पर भर्ती कर उन्हें पूरा इलाज देकर उनकी जान बचाई जाए। -डॉ. राजेंद्र अग्रवाल, राजश्री मेडिकल कॉलेज
