मुरादाबाद के ब्राइटस्टार अस्पताल में चंद घंटों में 15 मौतें

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अमृत विचार, मुरादाबाद/पाकबड़ा। मुरादाबाद के ब्राइटस्टार अस्पताल में चंद घंटों के अंदर 15 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई। गुरुवार को जैसे ही खबर परिजनों को मिली मातम छा गया। साथ ही उनका गुस्सा अस्पताल पर बिफर पड़ा। अस्पताल में आक्सीजन की कमी होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इसकी सूचना …

अमृत विचार, मुरादाबाद/पाकबड़ा। मुरादाबाद के ब्राइटस्टार अस्पताल में चंद घंटों के अंदर 15 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई। गुरुवार को जैसे ही खबर परिजनों को मिली मातम छा गया। साथ ही उनका गुस्सा अस्पताल पर बिफर पड़ा। अस्पताल में आक्सीजन की कमी होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इसकी सूचना पर एएसपी अनिल कुमार यादव व मझोला थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। उन्होंने हंगामा कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

दिल्ली रोड स्थिति इस अस्पताल में कोविड के मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। हंगामा सुबह करीह छह बजे के बाद शुरू हुआ। आरोप है कि इस अस्पताल में मरीजों की देखभाल ठीक से नहीं की गई है। इलाज ठीक से न मिलने के कारण मरीज दम तोड़ रहे हैं।

जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह को 18 पीड़ितों ने हस्ताक्षर करते हुए शिकायत पत्र लिखा, इसमें उन्होंने आक्सीजन कमी के कारण 15 मरीजों की मौत हो जाने का आरोप लगाया है। मामले की जांच कराई गई। मौके पर स्वास्थ्य विभाग से एडी हेल्थ डा. विनीत कुमार शुक्ला, जिला सर्विलांस अधिकारी डा. डीके प्रेमी और एसडीएम प्रशांत तिवारी को भेजा गया। जांच में आक्सीजन का पर्याप्त होना और मरने वालों की संख्या छह होना बताया गया है।

गलत बताई जा रही मरने वालों की संख्या
एडी हेल्थ डा. विनीत कुमार शुक्ला ने बताया कि मौत की संख्या गलत बताई जा रही है। देर रात तीन बजे के बाद छह मौत हुई हैं। सभी गंभीर मरीज थे। अस्पताल में पहले भी आडिट कराया गया था, जिसमें आक्सीजन के दो टैंक फुल पाए गए थे। इस घटना के बाद भी दोनों टैंक आक्सजीन से फुल थे। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच बैठाई गई है।

जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। जिला अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने भी 15 लोगों की मौत को अफवाह बताया है। उनके अनुसार रात 9 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक 3.30 टन आक्सीजन सप्लाई हुई है। पर्याप्त आक्सीजन उपलब्ध है। इस अस्पताल में गंभीर मरीज बड़ी संख्या में जाते हैं। अधिक मृत्यु दर की जांच कराई जा रही है।

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