मीरगंज: घरेलू कलह में 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर जान दी

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मीरगंज, अमृत विचार। घरेलू कलह में 10वीं के छात्र ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। मोहल्ला मेवात टीचर कॉलोनी में शनिवार सुबह पंखे में गमछे के फंदे पर उसका शव लटका मिला। परिवार वाले घरेलू कलह में आत्महत्या की बात कह रहे हैं। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। हालांकि, पुलिसकर्मियों …

मीरगंज, अमृत विचार। घरेलू कलह में 10वीं के छात्र ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। मोहल्ला मेवात टीचर कॉलोनी में शनिवार सुबह पंखे में गमछे के फंदे पर उसका शव लटका मिला। परिवार वाले घरेलू कलह में आत्महत्या की बात कह रहे हैं। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने अपने पास सुरक्षित रख लिया है। छात्र की शिक्षिका मां का पहले पति से तलाक हो चुका है। दूसरे पति के साथ वह रह रही है। पुलिस ने जांच-पड़तााल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

टीचर कॉलोनी मोहल्ला मेवात निवासी देवांश उर्फ सोनू (16) पुत्र दुर्गा प्रसाद ने शनिवार सुबह घरेलू कलह में आत्महत्या कर ली। देवांश नैनीताल के एक स्कूल में 10वीं का छात्र था। वहीं रहकर पढ़ाई करता था। लॉकडाउन में स्कूल की छुट्टी होने के बाद घर आया था। उसकी मां रीमा भारती बेसिक शिक्षा में प्राथमिक विद्यालय मण्डनपुर में प्रधानाध्यापक है। जबकि पिता दुर्गाप्रसाद से रीमा ने तलाक ले लिया है।

रीमा भारती दूसरे पति जितेंद्र अग्रवाल के साथ टीचर कॉलोनी स्थित घर में ही रहती है। घर में किसी बात को लेकर कलह के चलते देवांश ने शनिवार को मौका पाकर पंखे में गमछे का फंदा डालकर लटककर आत्महत्या कर ली। छात्र के सौतेले पिता जितेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को हम रात एक बजे सोए थे। सुबह देवांश के कमरे में जाकर देखा तो वह फांसी पर लटका था। पति की चीख सुनकर रीमा मौके पर पहुंची तो बेटे का शव देख वह बेसुध हो गयी। जितेंद्र ने आनन-फानन थाने जाकर पुलिस को सूचना दी। देवांश अपने मां बाप की अकेली संतान थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। रीमा अग्रवाल मूलतः मुरादाबाद की रहने वाली है।

पुलिस को तीन पेज का सुसाइड नोट मिला
घटना के बाद पहुंची पुलिस को मौके से किशोर छात्र देवांश का लिखा एक सुसाइड नोट भी मिला है लेकिन पुलिस ने उसे दिखाने को मना किया है। बताया जा रहा है कि सुसााइड नोट तीन पेज का है जिसमे एक पेज आधा फटा हुआ है, उसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। रीमा की सन 2006 में नौकरी लगी थी। शादी के लगभग 2 साल बाद पति से अनबन हो गई। जिसके बाद तलाक ले लिया। फिर रीमा मायके मुरादाबाद चली गई।

मुरादाबाद से प्राथमिक विद्यालय ग्राम मंडनपुर मीरगंज में ड्यूटी करती रही। सन 2009 में वह टीचर कॉलोनी मीरगंज में किराए पर रहने लगी। बाद में इस मकान को इन्होंने खरीद लिया था। ग्वालियर निवासी जितेंद्र अग्रवाल से सोशल मीडिया के माध्यम से बातचीत हुई। जितेंद्र अग्रवाल से 2020 में दूसरी शादी कर ली। जितेंद्र ने बताया कि 2 दिन पहले देवांश को मम्मी ने डांट दिया था। इसके अलावा हमें कुछ भी नहीं पता कि उसने क्यों आत्महत्या की। पोस्टमार्टम के बाद मृतक के माता-पिता ने बरेली में ही देवांश का अंतिम संस्कार कर दिया।

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