बरेली: 300 बेड अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म, वृद्धा की मौत

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। वैश्विक महामारी से बरेली में भी कोहराम मचा हुआ है। निजी व सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन व बेड की कमी है। इन अव्यवस्थाओं के बीच रोजाना संक्रमित अपनी जान गंवा रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल वर्तमान में मंडलीय कोविड अस्पताल का भी है, जिसमें मानव संसाधनों की कमी के बीच संक्रमितों …

बरेली, अमृत विचार। वैश्विक महामारी से बरेली में भी कोहराम मचा हुआ है। निजी व सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन व बेड की कमी है। इन अव्यवस्थाओं के बीच रोजाना संक्रमित अपनी जान गंवा रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल वर्तमान में मंडलीय कोविड अस्पताल का भी है, जिसमें मानव संसाधनों की कमी के बीच संक्रमितों का इलाज किया जा रहा है। रविवार को यहां हालात उस समय खराब हो गए, जब अस्पताल में अचानक ऑक्सीजन खत्म हो गई। इस बीच एक वृद्धा की मौत हो गई। ऑक्सीजन की कमी बताकर अन्य संक्रमितों के इलाज से स्टाफ ने हाथ खड़े कर दिए। इससे तीमारदारों में हड़कंप मच गया।

परिजनों को स्टाफ ने बताया कि ऑक्सीजन खत्म होने से संक्रमितों का ऑक्सीजन स्तर कम होता जा रहा है। ऐसे में संक्रमित के परिजन अपने निजी प्रयास से ऑक्सीजन की व्यवस्था करने में जुट गए। कुछ मरीज ऐसे थे जिन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती ही नहीं किया गया। अस्पताल में जब ऑक्सीजन खत्म होने की बात सामने आई तो हंगामा शुरू हो गया। जिसके चलते तत्काल पुलिस बुला ली गई। पुलिस अधिकारियों ने मरीजों के तीमारदारों को किसी तरह समझाकर माहौल को शांत कराया।

सुबह भी बंद की गई थी ऑक्सीजन की सप्लाई
तीमारदारों ने बताया कि रविवार सुबह करीब 7 बजे से 8 बजे तक भी गैस कम होने की वजह से ऑक्सीजन सप्लाई बंद की गई थी। जिसके बाद मरीजों ने जैसे-तैसे बाहर मौजूद अपने परिजनों को ऑक्सीजन न मिलने की बात बताई। कुछ देर में अस्पताल में सिलेंडर आए। इसके बाद ऑक्सीजन गैस की सप्लाई मरीजों को दी गई। वह भी ज्यादा देर तक मरीजों को सांस नहीं दे पाई। अस्पताल कर्मचारियों ने इलाज से हाथ खड़े कर दिए। तीमारदारों से भी ऑक्सीजन के अभाव में मरीजों को दूसरी जगह ले जाने की बात कह दी गई।

बाहर से सिलेंडर लेकर पहुंचे तीमारदार
कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन गैस खत्म होने की बात सुनते ही तीमारदारों में हलचल मच गई। सभी परिजन अपने मरीजों को बचाने के लिए ऑक्सीजन गैस का इंतजाम करने में जुट गए। कई लोगों को काफी देर तक मशक्कत के बाद भी ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिल पाया। ऐसे हालात में परिजनों की चिंता और भी बढ़ गई। जैसे-तैसे सवारी व निजी वाहनों से लोग तीमारदार अपने मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की जुगत लगाकर 300 बेड अस्पताल पहुंचे तब कुछ राहत हुई।

वृद्धा का ऑक्सीजन लेवल रह गया था 57
77 वर्षीय विद्या देवी की कोरोना रिपोर्ट शनिवार को पॉजिटिव आई थी। रविवार को उनके बेटे अंकित कुमार ने उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जहां ऑक्सीजन न मिलने से रविवार दोपहर उनकी मां की मृत्यु हो गई। अंकित ने अपनी मां के लिए निजी तौर पर ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की थी, जोकि ज्यादा देर नहीं चल सका। अस्पताल में भी ऑक्सीजन खत्म हो चुकी थी। मृत्यु के समय वृद्धा का ऑक्सीजन लेवल 57 प्रतिशत रह गया था।

तीमारदारों की बात
मैं सुबह से अपनी दादी को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए भटक रहा हूं लेकिन कोई भी अस्पताल उन्हें भर्ती नहीं कर रहा है। जिला अस्पताल जाने पर वहां के डॉक्टरों ने 300 बेड के लिए रेफर कर दिया और जब 300 बेड पहुंचे तो यहां के डॉक्टरों ने भी उनकी दादी को देखे बिना ही भर्ती करने से मना कर दिया। -कपिल कुमार, धौराटांडा

मेरे पति विवेक गुप्ता शुक्रवार से कोविड अस्पताल में भर्ती हैं। आज अचानक अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं है। अपने पति को दूसरी जगह ले जाएं। इसके बाद ऑक्सीजन जुटाने के लिए मैं भागदौड़ कर रही हूं। -अर्चना, निवासी मिलक

मेरे पिता को शनिवार दोपहर कोविड अस्पताल में भर्ती किया गया था लेकिन रविवार दोपहर में उन्हें यह कहकर डिस्चार्ज कर दिया कि अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं है। इसके बाद से ऑक्सीजन की व्यवस्था में लगा हुआ हूं। -अतर सिंह, खमरिया सानी

शनिवार रात में अपनी मां को लेकर कोविड अस्पताल में पहुंचा। रात करीब 2 घंटे इंतजार के बाद उनकी मां को भर्ती किया गया। सुबह 7 बजे उनकी मां ने फोन कर बताया कि ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई है। रविवार दोपहर के बाद अस्पताल के स्टाफ की ओर से मना कर दिया गया कि उनके पास ऑक्सीजन नहीं है। -शुभम

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