बरेली में ऑक्सीजन खत्म होने पर मचा हा-हाकार, काशीपुर ने दिलाई राहत
बरेली, अमृत विचार। बरेली में रविवार तड़के ऑक्सीजन खत्म होने पर दिनभर बरेली में हा-हाकार मचा रहा। ऑक्सीजन की कमी की वजह से कोविड अस्पतालों में शाम तक अफरा-तफरी मची रही। 300 बेड अस्पताल के डाक्टरों ने ऑक्सीजन नहीं होने की बात कहते हुए मरीजों के तीमारदारों के होश उड़ा दिए। तीमारदार इतने घबरा गए …
बरेली, अमृत विचार। बरेली में रविवार तड़के ऑक्सीजन खत्म होने पर दिनभर बरेली में हा-हाकार मचा रहा। ऑक्सीजन की कमी की वजह से कोविड अस्पतालों में शाम तक अफरा-तफरी मची रही। 300 बेड अस्पताल के डाक्टरों ने ऑक्सीजन नहीं होने की बात कहते हुए मरीजों के तीमारदारों के होश उड़ा दिए। तीमारदार इतने घबरा गए कि डाक्टरों से ऑक्सीजन अरेंज करने की गुहार लगाते दिखे।
कई जगह ऑक्सीजन न होने को लेकर टकराव भी हुआ। शहर के 18 कोविड अस्पतालों में 830 संक्रमित मरीज ऑक्सीजन बेड पर हैं। आधे घंटे भी इन्हें ऑक्सीजन नहीं मिले तो इनकी जान जाने का खतरा बढ़ जाता है। ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पास फोन घनघनाए तो वे परेशान हो गए। किसी तरह दोपहर 3 बजे के बाद काशीपुर से छह टन ऑक्सीजन बरेली पहुंची। हालांकि, शाम करीब 7 बजे 16 टन ऑक्सीजन ट्रेन से बरेली पहुंच गई। देर रात भी 16 टन ऑक्सीजन बोकारो से टैंकर से आई।
इससे बरेली में अब ऑक्सीजन का बैकअप काफी हो गया है। सोमवार को भी एक टैंकर ऑक्सीजन लेकर आएगा। चार टन ऑक्सीजन की सप्लाई शाहजहांपुर को की गई है। इधर, ड्रग इंस्पेक्टर उर्मिला वर्मा ने बताया कि काशीपुर से छह टन तो ट्रेन से भी ऑक्सीजन बरेली पहुंची है। सुबह ऑक्सीजन खत्म होने से कुछ दिक्कतें सामने आईं।
‘बरेली में ऑक्सीजन समाप्त, व्यवस्था भंग’
ऑक्सीजन खत्म होने पर भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एवं कैंट विधायक राजेश कुमार अग्रवाल ने रविवार को अपने ट्वीटर हैंडल पर व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करते हुए पोस्ट की। लिखा-‘बरेली में आक्सीजन समाप्त, व्यवस्था भंग?’ बार-बार बरेली आ रही ऑक्सीजन को अन्य जनपदों को भेजे देते हैं, लोगों की सांसें संकट में?, उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी समेत अन्य को टवीट भेजकर ऑक्सीजन की व्यवस्था के लिए तरंत निर्देशित करने की मांग उठाई। राजेश अग्रवाल ने कुछ दिनों पूर्व भी ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने की मांग उठाई थी।
खतरे में होम आइसोलेशन मरीज, सिलेंडर लेकर भटक रहे परिजन
ऑक्सीजन की किल्लत के बीच सबसे ज्यादा खतरा होम आइसोलेशन वाले मरीजों का दिख रहा है। सैकड़ों की संख्या में ऐसे मरीज हैं, जिन्हें घर पर ऑक्सीजन दी जा रही है। इन्हें ऑक्सीजन नहीं मिले तो जान जाने का खतरा और बढ़ जाता है। इसलिए ऑक्सीजन की उपलब्धता बरकरार रखने के लिए होम आइसोलेशन वाले मरीजों के तीमारदार ऑक्सीजन के लिए सिलेंडर लेकर भटक रहे हैं।
रविवार को मालियों की पुलिया के पास स्थित गैस एजेंसी पर ताला लगा होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग सिलेंडर लेकर पहुंच गए। घंटों बैठने के बाद उन्हें लगा कि अब संचालक नहीं आएगा तब लोग चले गए लेकिन दोपहर में फिर लोग सिलेंडर लेकर पहुंच गए। हर बार नए लोग खाली सिलेंडर लेकर पहुंचे। लोग ऑक्सीजन को लेकर खासे परेशान हैं।
