बरेली: निजी अस्पताल में गहराया ऑक्सीजन संकट, मरीज बेहाल

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। कोरोना के बढ़ते मरीजों के साथ ही ऑक्सीजन का संकट गहराता जा रहा है। सरकारी अस्पतालों तो दूर निजी अस्पताल भी ऑक्सीजन की पूरी आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे में तीमारदारों के माध्यम से निजी अस्पताल में हंगामे की खबरें रोजाना बढ़ रही है। पूरे हालात पर अधिकारी नजर बनाये …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना के बढ़ते मरीजों के साथ ही ऑक्सीजन का संकट गहराता जा रहा है। सरकारी अस्पतालों तो दूर निजी अस्पताल भी ऑक्सीजन की पूरी आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे में तीमारदारों के माध्यम से निजी अस्पताल में हंगामे की खबरें रोजाना बढ़ रही है। पूरे हालात पर अधिकारी नजर बनाये हुए हैं, लेकिन शायद इससे अधिक कुछ करने के लिए उनके पास कुछ बचा भी नहीं है। ऑक्सीजन की कमी से रोजाना मरीजों की मौत हो रही है। शहर के कई निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म होने से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। वहीं अस्पताल संचालक भी ऑक्सीजन न होने की बात कहकर अपने हाथ खड़े कर रहे हैं।

प्लीज कोई तो ऑक्सीजन लगवा दो
एक निजी मेडिकल कालेज में ही सनसिटी निवासी प्रशांत नाम का युवक स्वास्थ्य कर्मियों से फरियाद करते हुए कह रहा था कि वार्ड में भर्ती पिता पिछले दो घंटे से बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के हैं। उनकी हालत बिगड़ती जा रही है। प्लीज कोई ऑक्सीजन लगवा दो। अगर आपके पास नहीं है तो मेरी गाड़ी में ऑक्सीजन सिलेंडर हैं, उसे ही लगा दें। लेकिन युवक की बात सबने सुनकर अनसुनी कर दी।

परसाखेड़ा चौकी इंचार्ज पर आरोप लगा रहे लोग
अस्पतालों में ऑक्सीजन न होने से हालात बिगड़ रहे हैं। वहां भी मरीज के तीमारदारों के बीच अफरा-तफरी का माहौल है इसके अलावा अस्पताल में तैनात स्टॉफ भी ऑक्सीजन न होने पर अपनी मजबूरी जता रहे हैं। परसाखेड़ा क्षेत्र के ऑक्सीजन प्लांट में ऑक्सीजन न मिलने से लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है। ऑक्सीजन के खाली सिलेंडर लेकर परसाखेड़ा प्लांट पर लोग जमे हैं, लेकिन जिन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल रहा वह लोग परसाखेड़ा चौकी इंचार्ज पर आरोप लगा रहे हैं।

अधिकारी कह रहे जांच के बाद होगी कार्रवाई
एक ओर हालात बेकाबू होते जा रहे हैं तो दूसरी ओर स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी जांच कर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। नोडल अधिकारी डॉ. आरएन गिरी ने बताया कि व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के लिए लगातार निरीक्षण करते हैं। अगर संसाधन होते हुए भी मरीजों को भर्ती करने में लापरवाही हो रही है तो जांच कर कार्रवाई की जायेगी।

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