बरेली: कोरोना है, जुलूस पर रोक भी है…तो क्या हुआ?, हम तो मनाएंगे जीत का जश्न

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बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल के बीच पंचायत चुनाव की मतगणना रविवार को शुरू हुई थी जिसमें देर रात तक नतीजे आते रहे। पुलिस ने कोरोना के संकट को देखते हुए विजय जुलूस निकालने पर रोक लगा दी थी। एडीजी ने निर्देश दिए थे कि पंचायत चुनाव में जीत के बाद अगर कोई प्रत्याशी जुलूस …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल के बीच पंचायत चुनाव की मतगणना रविवार को शुरू हुई थी जिसमें देर रात तक नतीजे आते रहे। पुलिस ने कोरोना के संकट को देखते हुए विजय जुलूस निकालने पर रोक लगा दी थी। एडीजी ने निर्देश दिए थे कि पंचायत चुनाव में जीत के बाद अगर कोई प्रत्याशी जुलूस निकालता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। बावजूद देहात क्षेत्र में चुनाव जीतने के बाद निकाले गए विजयी जूलूस के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

कोरोना वायरस महामारी के बीच पांच राज्यों में हो रहे चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया था। चुनाव आयोग ने 2 मई को मतगणना के दिन या उसके बाद सभी विजय जुलूसों पर प्रतिबंध लगा दिया था। रविवार को जिले में शुरू हुई मतणना में सुबह से सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। हालांकि पुलिस ने कई बार भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज भी किया था। बावजूद प्रत्याशियों के साथ आई भीड़ मानने को तैयार नहीं थी।

रविवार पूरी रात हुई मतगणना में सोमवार की सुबह तक नतीजे आते रहे। प्रतिबंध के बावजूद कोविड-19 का उल्लंघन करते हुए शाही थाना क्षेत्र के हल्दी गांव में प्रधान पद पर विजयी प्रत्याशी का जुलूस निकाला गया। सीबीगंज थाना क्षेत्र के तिलियापुर गांव में भी जीत के बाद प्रत्याशी के समर्थकों ने विजयी जुलूस निकाला। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया है।

जुलूस निकालने पर लाठियां भांजकर खदेड़ा
बिथरी चैनपुर में दोपहर में मतगणना स्थल के अंदर भी वोटों की गिनती के दौरान प्रत्याशियों, एजेंटों की भीड़ लगी थी। बाहर भी भीड़ थी, लेकिन एक दिन पहले से कम थी। यहां अंदर किसी को जाने नहीं दिया जा रहा था। दोपहर में अचानक बैरियर के आगे निकलने पर एक प्रत्याशी के समर्थकों ने उसे गोद में उठा लिया और नारेबाजी करते हुए जुलूस निकालने लगे। जब वहां मौजूद पुलिसकर्मियों की नजर पड़ी तो सभी को दौड़ा दिया। समथर्क खेतों की तरफ भाग खड़े हुए। कई समर्थकों ने मतगणना स्थल से काफी दूर जाने के बाद जुलूस निकाला तो कई ने गांवों में ढोल-नगाड़े के साथ अपनी खुशी का इजहार किया। मतगणना में व्यस्त पुलिस जुलूस रोकने में नाकाम रही।

मदर टेरेसा स्कूल में जुटी पब्लिक ने काटा हंगामा, लाठीचार्ज
सुभाषनगर में स्थित मदर टेरेसा स्कूल में सोमवार को मतगणना हो रही थी। इसी बीच दो समुदाय के प्रधान प्रत्याशी जीत को लेकर आपस में गाली गलौज करने लगे। यह देखकर वहां पर हंगामा मच गया। एक नेता ने मौके पर पहुंचकर अपने करीबी प्रधान को जितवाने के लिए दबाव बनवाया। लेकिन पुलिस और प्रशासन ने उनकी एक न सुनी और लाठीचार्ज करके लोगों की भीड़ को वहां से खदेड़ दिया गया। इसके बाद में वहां पर विजेताओं के नाम घोषित किए गए।

हारने पर जीते हुए प्रत्याशी के घर पर किया पथराव
इज्जतनगर थाना क्षेत्र के चावड़ गांव में प्रधान पद के लिए ज्ञान वर्धन और धीरेन्द्र पाल खड़े हुए थे। बताया जा रहा है कि सोमवार को मतगणना के दौरान ज्ञान वर्धन 321 वोट से जीत गए। जिसके बाद हारे हुए प्रत्याशी ने जीते हुए प्रत्याशी के घर पर पथराव कर दिया। घटना में कई लोगों को चोट आई हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर जांच-पड़ताल शुरु कर दी है। पथराव का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।

“कुछ जगहों पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया है। बाकी रात तक मतगणना समान्य चल रही थी। अगर कोई विवाद करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।” -रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

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