बरेली: ऑक्सीजन के खाली सिलेंडर लेकर दौड़ रहीं एंबुलेंस, वसूल रहे मोटी रकम
बरेली,अमृत विचार। शहर के निजी अस्पतालों के बाहर काफी संख्या में एंबुलेंस खड़ी रहती हैं। इनमें कई तो ऐसे हैं, जो मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। सिर्फ एक वेन में ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर एंबुलेंस दौड़ाई जा रही है। कई एंबुलेंस तो निजी चालकों के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। कोविड काल में एंबुलेंस को …
बरेली,अमृत विचार। शहर के निजी अस्पतालों के बाहर काफी संख्या में एंबुलेंस खड़ी रहती हैं। इनमें कई तो ऐसे हैं, जो मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। सिर्फ एक वेन में ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर एंबुलेंस दौड़ाई जा रही है। कई एंबुलेंस तो निजी चालकों के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। कोविड काल में एंबुलेंस को लेकर मारामारी है। ऑक्सीजन की कमी के बीच खाली सिलेंडर वाली एंबुलेंस दौड़ रही है।
एंबुलेंस चालक ऑक्सीजन की कमी का अलग रोना रोते हैं और ऑक्सीजन महंगी मिलने पर मोटी रकम वसूलते हैं। मरीज न मिलने पर इन्हीं एंबुलेंस को शवों को ढोने में लगाया जा रहा है। जबकि किसी कोरोना मरीज की मौत होने पर अस्पताल प्रबंधन को कोविड नियम के तहत शव को पहुंचाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। परिजनों के भरोसे ही शव सौंपे जा रहे हैं, इसकी वजह से वसूली हो रही है।
शहर के एंबुलेंस में मानकों की अनदेखी
एक एंबुलेंस में कम से कम जान बचाने के उपकरण होने चाहिए। ऑक्सीजन सिलेंडर के अलावा प्राथमिक उपचार, स्ट्रेचर, ट्रैक्शन डिवाइस, कार्डियक मॉनीटर, बीपी मॉनिटर और मशीनों को संचालित करने वाला भी मौजूद होना चाहिए। किसी भी हादसे या अन्य सूचना पर यह एंबुलेंस तुरंत पहुंचती है और मरीज को लेकर सीधे अस्पताल पहुंचा देती है। अस्पताल से इनके रेट फिक्स होते हैं। कई बार क्षेत्र को लेकर इनके झगड़े भी हो चुके हैं। कोरोना काल में एंबुलेंस की मांग और अधिक बढ़ गई है। ऐसे में यह लोग मनमाने दाम वसूल रहे हैं। ऑक्सीजन की किल्लत में तो कई खाली सिलेंडर लेकर ही दौड़ रही है और ऑक्सीजन होने पर मनमाने दाम वसूलते हैं।
