बरेली: मृत महिला को जिंदा बताकर बेटे से बोले- ‘तुम्हारी मां ठीक हो गईं हैं घर ले जाओ’
बरेली,अमृत विचार। कोरोना महामारी से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। निजी अस्पतालों में इलाज के लिए लाखों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। अपने की मौत होने के बाद लोग टूट जा रहे हैं, इसके बावजूद निजी अस्पताल के कर्मचारी लोगों से वसूली करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अभी तक तो …
बरेली,अमृत विचार। कोरोना महामारी से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। निजी अस्पतालों में इलाज के लिए लाखों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। अपने की मौत होने के बाद लोग टूट जा रहे हैं, इसके बावजूद निजी अस्पताल के कर्मचारी लोगों से वसूली करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अभी तक तो लाशों के अंतिम संस्कार के सौदेबाजी के मामले सामने आए थे, लेकिन अब तो मृत को जिंदा बताकर ही रुपये वसूलने का खेल शुरू हो गया है।
जिले के रामपुर रोड स्थिति निजी कोविड अस्पताल से ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मां की मौत के गम में परेशान बेटे के पास फोन करके उसकी मां को जिंदा बताकर मजाक किया जाता है। बेटे से बोला जाता है कि उसकी मां ठीक हो गई हैं और अस्पताल से लेकर जाओ, जबकि उसकी मां की मौत 10 दिन पहले ही हो चुकी है। अब इस मामले को जिम्मेदार कर्मचारी की भूल बताकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।
फरीदपुर तहसील के गांव बुधौली निवासी 55 वर्षीय किरन की तबीयत बिगड़ने पर उनके बेटे अतुल ने दिल्ली-रामपुर हाईवे स्थित कोविड अस्पताल में भर्ती कराया। जहां कुछ दिन उपचार के बाद 24 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। उनके बेटे अतुल ने बताया कि मंगलवार को उनके पास अस्पताल से फोन आता है कि तुम्हारी मां ठीक हो गई है, उन्हें अस्पताल से आकर ले जाओ। इस बारे में जब उसने अपने परिजनों को बताया तो सभी हैरान रह गए। गांव वाले लोग भी परेशान हो गए कि कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं है।
इसके बाद अतुल अस्पताल पहुंचा और पूरे मामले के बारे में जानकारी ली तो अस्पताल प्रशासन की ओर से बताया गया कि एक ही नाम के मरीज होने से भूलवश स्टाफ की ओर से गलती हो गई होगी। नोडल अधिकारी ने भी इसे गलती बताया लेकिन बताया जा रहा है कि वहां के कर्मचारी ने रुपये लेने के चक्कर में ऐसा किया था लेकिन मामला खुलने पर इसे रफा दफा कर दिया गया।
