लखनऊ: मनमानी फ़ीस के विरोध में प्रसाद मेडिकल कॉलेज में छात्रों ने किया हंगामा

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लखनऊ। राजधानी के प्रसाद मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों से मनमानी फीस की मांग की जा रही है। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन उनसे इंटर्नशिप के नाम पर सलाना अवैध तरीके से 3 लाख रूपए मांग कर रहा है, जो गलत है। अमृत विचार से बातचीत में अपनी बात रखते हुए मेडिकल छात्रों …

लखनऊ। राजधानी के प्रसाद मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों से मनमानी फीस की मांग की जा रही है। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन उनसे इंटर्नशिप के नाम पर सलाना अवैध तरीके से 3 लाख रूपए मांग कर रहा है, जो गलत है।

अमृत विचार से बातचीत में अपनी बात रखते हुए मेडिकल छात्रों ने बताया कि वह कोरोना संक्रमण काल में अपनी सेवाएं दे सकते हैं, लेकिन कॉलेज प्रबंधन उन्हें रोक रहा है। छात्रों ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि तीन लाख रूपए दिए जाने के बाद ही इंटर्नशिप की अनुमति दी जाएगी। जबकि हम 3 मई से कॉलेज की ओर से कोविड ट्रेनिंग शेड्यूल को पूरा कर रहे हैं, लेकिन 11 मई से ड्यूटी करने नहीं दिया जा रहा है, इस कारण से हम लोग कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हुए है।

कॉलेज नहीं दे रहा वेतन

छात्रों ने बताया कि कॉलेज प्रशासन तीन लाख रूपए मौखिक तौर पर मांग रहा है, लेकिन लिखित में नहीं दे रहा है, और हमसे सेवाएं भी ले रहा है, उसके बदले कोई मंथली वेतन भी नहीं मिलता है। उसके बाद भी कॉलेज प्रशासन की ओर से मनमानी की जा रही है।

60 से अधिक छात्रों का आरोप

एमबीबीएस की पढ़ाई कर चुके छात्रों का कहना है कि सभी ये तीन लाख रूपए सालाना मांग की जा रही है। इसमें कई ऐसे भी छात्र हैं जो इस स्थिति में नहीं है कि अपनी फीस चुका सकें। इसके लिए वह स्वास्थ्य मंत्री सुरेश खन्ना से गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।

कॉलेज ने छात्रों के आरोप को बताया गलत

वहीं दूसरी ओर प्रसाद मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल आर आर शुक्ल ने अमृत विचार से बताचीत में बताया कि छात्रों का आरोप गलत है, छात्र जब पास होकर इंटर्नशिप के लिए आते हैं तो उन्होंने संस्थान में ही रूकना होता है।

इसके लिए खाना पानी, बिजली, और हॉस्टल शुल्क देना होता है,और छात्रो को ये बात पहले ही बता दी गयी थी। उन्होंने कहा हमें कोई सरकार बजट नहीं देती है। अब जब तय शुल्क की मांग की जा रही है तो छात्र इसे इंटर्नशिप से जोड़कर मुद्दा बना रहे हैं।

छात्रों को इसलिए इंटर्नशिप से रोका जा रहा

वहीं कॉलेज के डायरेक्टर बीपी यादव ने बताया कि छात्रों को इंटर्नशिप के लिए संस्थान में ही रोका गया था, लेकिन वह कोरोना संक्रमण काल में बाहर से आते जाते हैं ऐसे में संस्थान के अंदर भी संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

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