राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दी ईद-उल-फितर और अक्षय तृतीया की बधाई

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सभी देशवासियों को ईद-उल-फितर, अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती की बधाई दी और कामना की कि कोविड-19 महामारी का सामना कर रहा देश जल्द ही इस संकट से उबरे। यह स्वयं को मानवता की सेवा करने के लिए फिर से समर्पित करने का अवसर …

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सभी देशवासियों को ईद-उल-फितर, अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती की बधाई दी और कामना की कि कोविड-19 महामारी का सामना कर रहा देश जल्द ही इस संकट से उबरे। यह स्वयं को मानवता की सेवा करने के लिए फिर से समर्पित करने का अवसर है।

रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को ट्वीट करके कहा, “ सभी देशवासियों को ईद मुबारक। यह त्योहार, आपसी भाईचारे और मेल-जोल की भावना को मजबूत करने तथा स्वयं को मानवता की सेवा करने के लिए फिर से समर्पित करने का अवसर है।” उन्होंने आगे कहा, “ आइए, हम कोविड-19 से निपटने के लिए सभी नियमों के पालन करने का तथा समाज एवं देश की भलाई के लिए काम करने का संकल्प लें।

मोदी ने  पर देशवासियों को बधाई दी और कामना की कि कोविड-19 महामारी का सामना कर रहा देश जल्द ही इस संकट से उबरे और सामूहिक प्रयासों से मानव कल्याण के लिए काम करे। कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के बीच आज देश के विभिन्न हिस्सों में ईद का त्योहार मनाया जा रहा है। मोदी ने ट्वीट कर कहा, ”ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं। सभी के उत्तम स्वास्थ्य और कुशलक्षेम की कामना करता हूं। अपने सामूहिक प्रयासों से ही हम वैश्विक महामारी से निजात पाने की और मानव कल्याण की कामना करते हैं। ईद मुबारक।

मोदी ने अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के अवसर पर देशवासियों को बधाई व शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ”सभी देशवासियों को अक्षय तृतीया की मंगलकामनाएं। शुभ कार्यों की सिद्धि से जुड़ा यह पावन पर्व कोरोना महामारी पर विजय के हमारे संकल्प को साकार करने की शक्ति प्रदान करे।” एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ”भगवान परशुराम की जयंती के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं।” अक्षय तृतीया या आखा तीज वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को कहते हैं। पौराणिक ग्रन्थों के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है। इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है।

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