दिल्ली की तरह क्यों आगे नहीं आ रहे बरेली के कॉलेज
बरेली, अमृत विचार। दिल्ली के हंसराज कॉलेज ने कोरोना महामारी से लड़ने के लिए कॉलेज में 100 बेड का स्वास्थ्य केंद्र बनाने के साथ ही आरटीपीसी जांच के लिए लैब भी तैयार कर लिया है। इस कॉलेज की हर कोई मिशाल दे रहा है लेकिन एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से जुड़ा कोई भी कॉलेज इसको लेकर …
बरेली, अमृत विचार। दिल्ली के हंसराज कॉलेज ने कोरोना महामारी से लड़ने के लिए कॉलेज में 100 बेड का स्वास्थ्य केंद्र बनाने के साथ ही आरटीपीसी जांच के लिए लैब भी तैयार कर लिया है। इस कॉलेज की हर कोई मिशाल दे रहा है लेकिन एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से जुड़ा कोई भी कॉलेज इसको लेकर अब तक आगे नहीं आया है। जबकि कई महाविद्यालयों में छात्रावास खाली पड़े हैं। विश्वविद्यालय परिसर में भी छात्रावास खाली पड़े हैं, जिन्हें आइसोलेशन सेंटर बनाया जा सकता है।
कोरोना महामारी की वजह से सभी विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों को पूर्ण रूप से बंद किया गया है। इसकी वजह से छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को भी एक महीने पहले ही घर भेज दिया गया। उसके बाद से छात्रावास खाली पड़े हैं। विश्वविद्यालय परिसर के साथ कई महाविद्यालयों में लैब के साथ-साथ स्वास्थ्य केंद्र भी हैं लेकिन इन स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज के इंतजाम नहीं हैं।
ऐसे में शिक्षकों, अधिकारियों व कर्मचारियों को परेशानी हो रही हैं। अब तक कई शिक्षक अपनी जान गंवा चुके हैं। कोरोना महामारी में प्राथमिक उपचार का भी महत्वपूर्ण स्थान है। छात्रावासों को आईसोलेशन सेंटर बनाकर यहां शिक्षक, कर्मचारी व अधिकारियों को आइसोलेट करके उनकी देखरेख की जा सकती है। छात्रावासों में कमरे, बेड व टायलेट सभी बेसिक सुविधाएं मौजूद हैं।
आक्सीजन उत्पादन के कर सकते हैं प्रयास
शासन के निर्देश पर सभी महाविद्यालयों से रिपोर्ट तो भेज दी गई है कि उनके यहां ऑक्सीजन उत्पादन के इंतजाम नहीं हैं लेकिन एक सवाल खड़ा होता है कि यदि इंतजाम नहीं हैं तो इंतजाम किए जा सकते हैं। इसको लेकर कॉलेज प्रयास कर सकते हैं। महाविद्यालयों की बड़ी-बड़ी लैब है, जिनका इसमें इस्तेमाल किया जा सकता है। एक बार उत्पादन शुरू हो गया तो भविष्य में ऑक्सीजन को लेकर होने वाली परेशानी भी दूर हो सकती है।
अभी तक नहीं शुरू हुए स्वास्थ्य केंद्र
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य केंद्र को अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक निजी मेडिकल कॉलेज को पत्र लिखा है कि उनके स्वास्थ्य केंद्र में जल्द से जल्द ओपीडी शुरू कर दी जाए। उसके बाद पूरे स्वास्थ्य केंद्र को गोद लेकर इसमें अन्य सुविधाएं भी शुरू कर दी जाएं। स्वास्थ्य केंद्र में बेड के अलावा ऑक्सीजन, लैब और डिस्पेंसरी की भी व्यवस्था की जाएगी। डीएसडब्ल्यू प्रो. पीबी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र को चालू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।
