बरेली: कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस ने फैलाया अपना जाल, जिले में पहला केस सामने आने पर मची खलबली
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के बाद एक और जानलेवा बीमारी ब्लैक फंगस का पहला मामला सामने आने के बाद सनसनी फैल गई है। कोरोना संक्रमण के बीच अब लोगों को ब्लैक फंगस अपना शिकार बना रही है। जिले के मीरगंज तहसील निवासी 47 वर्षीय महिला में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। जानलेवा बीमारी …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के बाद एक और जानलेवा बीमारी ब्लैक फंगस का पहला मामला सामने आने के बाद सनसनी फैल गई है। कोरोना संक्रमण के बीच अब लोगों को ब्लैक फंगस अपना शिकार बना रही है। जिले के मीरगंज तहसील निवासी 47 वर्षीय महिला में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। जानलेवा बीमारी का पहला केस सामने आने से खलबली मच गई है। यह मंडल का दूसरा केस है। इससे पहले ब्लैक फंगस का केस पीलीभीत जिले में पाया गया था।
मीरगंज निवासी एक महिला में ब्लैक फंगस की आशंका होने के चलते शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला के भाई प्रशांत की ओर से फेसबुक पर डाली गई पोस्ट के मुताबिक कुछ दिन पहले बहन की एंटीजन रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, लेकिन बाद में आरटी-पीसीआर जांच निगेटिव मिली। इस बीच आंख में सूजन आ गई।
परिजनों के अनुसार जांच के लिए एक निजी अस्पताल ले गए। जहां संदिग्ध ब्लैक फंगस का मामला देखते हुए जांच के लिए सैंपल दिल्ली भेजा गया। इसकी रिपोर्ट में शुक्रवार को ब्लैक फंगस की पुष्टि हो गई। वहीं, उसको शहर के एक अस्पताल एसआरएमएस में भर्ती कराया गया।
ब्लैक फंगस का मरीज निकलने के बाद 300बेड अस्पताल के सीएमएस डा. बागीश वैश्य ने बताया कि जो संक्रमित शुगर के रोगी हैं, उन्हें डॉक्टर की उचित परामर्श के बाद ही स्टेरॉयड देना चाहिए। स्टेरॉयड के साथ यह ध्यान रखना चाहिए कि मरीज का ब्लड शुगर सामान्य रहे। इसके दुष्प्रभाव शरीर के किसी भी अंग में फंगस उत्पन्न कर सकता है। यह आंख, मुंह, फेफड़े आदि किसी भी अंग में हो सकती है। इससे बचाव का कोई खास उपाय नहीं है। स्टेरॉयड का संतुलित व उचित देखरेख में प्रयोग ही बचाव है। यह जानलेवा बीमारी है। इसका इलाज काफी लंबा है।
