बरेली: नदियां साफ रखने को 300 करोड़ के टेंडर, एसटीपी निर्माण फंसा
बरेली,अमृत विचार। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत रामगंगा सहित तमाम अन्य नदियों को प्रदूषण से बचाने की योजना को शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। जल निगम को यह काम करना है। करीब तीन सौ करोड़ रुपये का वित्तीय टेंडर खुल गया है। हालांकि, तकनीकी टेंडर में अभी एसटीपी निर्माण फंसा हुआ है। …
बरेली,अमृत विचार। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत रामगंगा सहित तमाम अन्य नदियों को प्रदूषण से बचाने की योजना को शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। जल निगम को यह काम करना है। करीब तीन सौ करोड़ रुपये का वित्तीय टेंडर खुल गया है। हालांकि, तकनीकी टेंडर में अभी एसटीपी निर्माण फंसा हुआ है।
अभी शहर के नालों का गंदा पानी सीधे नदियों में मिलने से रामगंगा, नकटिया सहित दूसरी नदियों का बड़े पैमाने पर पानी दूषित हो रहा है। इसे लेकर कई बार नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) भी अधिकारियों की कई बार फटकार लगा चुकी है। जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि पहले जमीन का अधिग्रहण न हो पाने से लंबे समय से यह काम अटका हुआ है। अब एक-एक कर सभी पेच निकल गए हैं।
नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए चार एसटीपी के निर्माण होने हैं। इसमें से एक बारी नगला में बनाया जाना है। जमीन अधिग्रहण का काम काफी पहले पूरा हो चुका है। एयरफोर्स के पास तातारपुर गांव में गड्ढे की जमीन पर एसटीपी बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। यह जमीन सुरक्षित है। इसका भू-उपयोग नहीं बदला जा सकता। करीब 1000 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत है। इसका भी निस्तारण हो चुका है। तुला शेरपुर में एसटीपी के लिए भी प्रस्तावित जमीन सुरक्षित श्रेणी है। इसलिए चंदपुर बिचपुरी में किसानों की जमीन ली गई है।
हरुनगला में पुलिस से जमीन ली जा चुकी है। चारों एसटीपी की जमीनों के सभी विवादों का निस्तारण हो चुका है। रामगंगा नदी के पानी को निर्मल रखने के लिए शहर के नालों का पानी एसटीपी से साफ करके नदी में छोड़ा जाएगा। इसके लिए ये एसटीपी काफी महत्वपूर्ण है। जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि एसटीपी के लिए वित्तीय टेंडर खुल चुका है। अब केवल तकनीकी टेंडर की प्रक्रिया ही बाकी रह गई है।
अभी काफी गंदा हो रहा है नदियों का पानी
जिले होकर गुजरने वाली रामगंगा नदी में शहर के सीवर, ड्रेनेज और उद्योगों का गंदा पानी नदी में गिरने से इसका पानी प्रदूषित हो रहा है। रामगंगा, नकटिया और किला आदि नदियां बड़े भू-भाग बहती है। सराय तलफी और बाकरगंज के पास गुजरने वाली किला नदी का पानी शहर के गंदा पानी से काला हो चुका है। यह पानी ऊंचा गांव के पास रामगंगा में गिरता है जबकि दूसरी तरफ शहर के हिस्से का पानी नकटिया नदी से होकर आने वाला पानी रामगंगा नदी को मैला कर रहा है।
“एसटीपी बनाने के लिए वित्तीय टेंडर खुल चुके हैं। अब केवल तकनीकी टेंडर ही खोले जाने के बाकी है। यह औपचारिकता पूरी होने के साथ ही ठेकेदारों से एसटीपी के निर्माण का काम शुरू करा दिया जाएगा।” -संजय कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम
