नया संकट: ब्लैक और व्हाइट के बाद अब येलो फंगस ने दी दस्तक, गाजियाबाद में मिला पहला मरीज
गाजियाबाद। ब्लैक और व्हाइट फंगस के बाद अब गाजियाबाद के एक मरीज में येलो फंगस की पुष्टि हुई है। इलाज करने वाले डॉक्टर बीपी त्यागी ने बताया कि 45 वर्षीय मरीज पहले कोरोना संक्रमित हुए थे और वह डायबिटीज से भी पीड़ित हैं। ब्लैक फंगस का इलाज करने के लिए ओटी में सफाई चल रही …
गाजियाबाद। ब्लैक और व्हाइट फंगस के बाद अब गाजियाबाद के एक मरीज में येलो फंगस की पुष्टि हुई है। इलाज करने वाले डॉक्टर बीपी त्यागी ने बताया कि 45 वर्षीय मरीज पहले कोरोना संक्रमित हुए थे और वह डायबिटीज से भी पीड़ित हैं। ब्लैक फंगस का इलाज करने के लिए ओटी में सफाई चल रही थी, इसी दौरान जांच में पता चला कि मरीज येलो फंगस से भी संक्रमित हैं।
फिलहाल मरीज की हालत में सुधार है। बताया गया कि इस बीमारी को म्यूकर स्पेक्टिक्स कहा जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक यह येलो फंगल, ब्लैक और व्हायइट फंगस से कहीं ज्यादा खतरनाक है। डॉक्टर ने बताया कि यह पहली बार है जब यह किसी इंसान में मिला है। डॉ. त्यागी के मुताबिक गाजियाबाद में येलो फंगस का पहला मामला सामने आया है। मरीज़ का अस्पताल में इलाज जारी है।
दो महीने से मरीज का कोरोना का चल रहा इलाज
मरीज येलो फंगस के साथ ब्लैक और व्हाेइट फंगस से भी ग्रसित है। मरीज संजय नगर का रहने वाला है, जो 45 साल का है। ईएनटी स्पेशलिस्ट प्रोफेसर डॉ. बीपी त्यागी ने बताया कि मुकोर सेप्टिकस (पीले फ़ंगस) के लक्षण हैं। सुस्ती, कम भूख लगना या बिल्कुल भी भूख न लगना और वजन कम होना। जैसे-जैसे यह आगे बढ़ता है। वैसे की गंभीर लक्षण जैसे मवाद का रिसाव करना और खुले घाव का धीमी गति से ठीक होना और सभी घावों की धीमी गति से भरना, कुपोषण और अंग विफलता और परिगलन के कारण धंसी हुई आंखें।
वहीं, दूसरी ओर मरीज के तीमारदार के मुताबिक पिछले दो महीने से मरीज का कोरोना का इलाज चल रहा था और मरीज रिकवर भी कर रहा था। मगर पिछले 4 दिन से एक तरफ सूजन आनी शुरू हुई साथ ही आंख भी बंद हो गई। इतना ही नहीं मरीज के नाक से खून बहना। साथ ही पेशाब में भी खून का जाना शुरू हो गया। आनन-फानन में मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां जांच में येलो फंगस के बारे में पता चला।
पीले फंगस के मामले की सूचना नहीं- सीएमओ
गाजियाबाद के मुख्य चिकितस्या अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता के मुताबिक जिले में पीले फंगस के मामले की अभी कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि गाजियाबाद के ही ईएनटी स्पेशलिस्ट का कहना है कि उन्होंने भी अपने कॅरियर में पहली दफा येलो फंगस देखा है।
